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आज सूर्य-चंद्र एक साथ, अधिकतर लोग नहीं जानते अमावस्या से जुड़ी 7 बातें

जब सूर्य और चंद्र एक ही राशि में होते हैं, तब अमावस्या तिथि आती है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 13, 2018, 02:20 PM IST

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    रिलिजन डेस्क।आज (13 जून) ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है। हिन्दू पंचांग में एक माह 15-15 दिनों के दो भागों में या दो पक्षों में बंटा होता है। एक है शुक्ल पक्ष और दूसरा है कृष्ण पक्ष। शुक्ल पक्ष में चंद्र की कलाएं बढ़ती हैं यानी चंद्र बढ़ता है। कृष्ण पक्ष में चंद्र घटता है और अमावस्या पर पूरी तरह अदृश्य हो जाता है।

    चंद्रमा की सोलहवीं कला को अमा कहा गया है। स्कंदपुराण में लिखा है-
    अमा षोडशभागेन देवि प्रोक्ता महाकला।

    संस्थिता परमा माया देहिनां देहधारिणी।।
    इस श्लोक का अर्थ यह है कि चंद्र अमा नाम की एक महाकला है, जिसमें चंद्र की सोलह कलाओं की शक्तियां शामिल हैं। इस कला का क्षय और उदय नहीं होता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए अमावस्या से जुड़ी खास बातें...
    1.ज्योतिष के अनुसार जिस दिन सूर्य और चंद्र एक साथ होते हैं, उस दिन अमावस्या होती है। इस दिन ये दोनों ग्रह एक साथ एक राशि में होते हैं यानी इस दिन इन दोनों ग्रहों का मिलन होता है। आज 13 जून की सुबह सूर्य और चंद्र, दोनों एक साथ वृष राशि में स्थित हैं। 13 जून की रात चंद्र मिथुन राशि में प्रवेश करेगा।
    2.शास्त्रों में अमावस्या तिथि का स्वामी पितृदेव को माना जाता है। इसलिए इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, दान-पुण्य का महत्व है।
    3.अमावस्या पर सोमवार, मंगलवार और गुरुवार के साथ जब अनुराधा, विशाखा और स्वाति नक्षत्र का योग बनता है, तो यह बहुत पवित्र योग माना गया है।
    4.अमावस्या से पहले शनिवार और चतुर्दशी का योग भी विशेष फल देने वाला माना जाता है। जब ऐसा योग हो तो अमावस्या पर तीर्थ स्नान, जाप, तप और व्रत करने से ऋण और सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
    5.अमावस्या पर संयम से रहना चाहिए। इस रात में पूजा-पाठ, मंत्र साधना और तप किया जाता है।
    6.जो लोग अमावस्या पर व्रत रखना चाहते हैं, उन्हें इस दिन सिर्फ दूध का सेवन करना चाहिए। साथ ही, भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। आमतौर पर ये व्रत एक वर्ष तक किया जाता है। इससे तन, मन और धन की परेशानियां दूर हो सकती हैं।
    7.कूर्म पुराण के अनुसार इस दिन शिवजी की आराधना के साथ व्रत किया जाए तो व्यक्ति गंभीर बीमारियों से और दुर्भाग्य से बच सकता है।

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