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10 बातें- घर में किसी की मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का ही पाठ क्यों किया जाता है?

किसी की मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ करना पुरानी मान्यता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 05, 2018, 05:00 PM IST

  • 10 बातें- घर में किसी की मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का ही पाठ क्यों किया जाता है?

    रिलिजन डेस्क।शास्त्रों में बताया गया है कि जिस व्यक्ति ने जन्म लिया है, वह एक दिन मृत्यु को अवश्य ही प्राप्त होगा। किसी की मृत्यु के बाद की भी कुछ परंपराएं हैं, जिनका पालन मृत व्यक्ति के परिवार वालों को करना होता है। इन्हीं परंपराओं में से एक है, किसी की मृत्यु के बाद घर में गरुड़ पुराण का पाठ करवाना। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार गरुड़ पुराण से जुड़ी 10 खास बातें...

    1.मान्यता है कि गरुड़ पुराण का पाठ करने से मरने वाले व्यक्ति की आत्मा को शांति मिलती है, क्योंकि गरुड़ पुराण पगड़ी आदि रस्मों तक लगभग 12-13 दिनों तक पढ़ा जाता है।

    2.शास्त्रों के अनुसार पगड़ी रस्म तक मरने वाले की आत्मा उसी के घर में निवास करती है और वह भी यह पुराण सुनती है। गरुड़ पुराण का धार्मिक महत्व यही है कि मृत व्यक्ति की आत्मा को शांति और मोक्ष मिल सके।

    3.आमतौर पर लोगों के मन में जन्म और मृत्यु से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर जानने की उत्सुकता रहती है। जब किसी इंसान की मृत्यु होती है तो परिवार के शेष सदस्य यही सोचते हैं कि मृत्यु क्यों होती है? गरुड़ पुराण में जन्म-मृत्यु से जुड़े इन सभी सवालों के जवाब बताए गए हैं।

    4.गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु की भक्ति और उपासना का महत्व बताया गया है। इसमें श्रीहरि के 24 अवतारों की कथाएं हैं। गरुड़ पुराण का प्रारंभ मनु और सृष्टि की उत्पत्ति से होता है। इसके बाद अन्य पौराणिक कथाएं भी हैं।

    5.सूर्य, चंद्र आदि ग्रहों के मंत्र, शिव-पार्वती पूजन का महत्व, इंद्र, सरस्वती और नौ शक्तियों की भी जानकारियां इस पुराण में दी गई हैं।

    6.मूल गरुड़ पुराण के दो भाग हैं। प्रथम भाग में श्रीहरि की भक्ति और उपासना का महत्व बताया गया है। दूसरे भाग में जन्म-मृत्यु के रहस्यों को बताया गया है।

    7.गरुड़ पुराण में अलग-अलग नरकों का उल्लेख है। मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है, उसका किस प्रकार की दूसरी योनियों में जन्म होता है और पितृ कर्म का महत्व बताया गया है।

    8.गरुड़ पुराण में बताए गए रहस्यों को समझने के बाद मृत व्यक्ति के परिवार वालों को दुख सहने की शक्ति मिलती है और वे जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।

    9.इस पुराण का ज्ञान यही प्रेरणा देता है कि हमें जीवन में अच्छे कार्य ही करना चाहिए। सभी जानते हैं कि जो जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है। यही बातें गरुड़ पुराण में बताई गई है।

    10.गरुड़ पुराण के अनुसार कर्मों का फल व्यक्ति को उसके जीवन में तो मिलता ही है, साथ ही मरने के बाद भी कर्मों का अच्छा-बुरा फल आत्मा को भोगना पड़ता है। इस ज्ञान को प्राप्त करने के लिए किसी की मृत्यु के बाद का अवसर निर्धारित किया गया ताकि उस समय हम जन्म-मृत्यु से जुड़े सभी सत्य जान सके और मृत व्यक्ति के बिछड़ने के दुख को सहन करने की शक्ति प्राप्त कर सके।

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