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अगर आपके घर या दुकान में भी है गणेशजी और लक्ष्मीजी की मूर्ति तो ये बातें ध्यान रखें

घर में वास्तु के नियमों का पालन किया जाए तो बहुत सी परेशानियां दूर हो सकती हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 09, 2018, 06:30 PM IST

  • अगर आपके घर या दुकान में भी है गणेशजी और लक्ष्मीजी की मूर्ति तो ये बातें ध्यान रखें, religion hindi news, rashifal news

    यूटिलिटी डेस्क.घर में मंदिर और देवी-देवताओं की मूर्तियां रखने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। अधिकतर लोग गणेशजी, लक्ष्मीजी, बाल गोपाल की मूर्तियां घर और दुकान में रखते हैं। मान्यता है कि जिन घरों में भगवान की मूर्तियां होती हैं, वहां सकारात्मकता बनी रहती है और कार्यों में आ रही बाधाएं भी दूर हो सकती हैं। मंदिर बनवाते समय वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है, वरना मंदिर का पूरा शुभ फल नहीं मिल पाता है। कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी से जानिए वास्तु शास्त्र के अनुसार किस दिशा में करना चाहिए मंदिर की स्थापना, साथ ही मंदिर में किस तरह रखनी चाहिए देवी-देवता की मूर्ति, ताकि घर-दुकान में पॉजिटिविटी बनी रहे और शुभ फल मिलने की संभावनाएं बढ़ सके...

    1.मंदिर को घर या दुकान के ईशान कोण यानी पूर्व-उत्तर दिशा में बनाना चाहिए।

    2.मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों की स्थापना उत्तर या पूर्व दिशा में करना शुभ होता है।

    3.मंदिर में भगवान गणेश, भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी और नवग्रह की स्थापना ऐसे करनी चाहिए कि उनका मुंह उत्तर दिशा की ओर हो।

    4.मंदिर में भगवान विष्णु, भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान सूर्य और कार्तिकेय की स्थापना ऐसे करनी चाहिए कि उनका मुंह पश्चिम दिशा की ओर हो।

    5.मंदिर में भगवान हनुमान की स्थापना इस तरह करना शुभ होता है, जिसमें की इनका मुंह नैऋत्य यानी कि दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर हो।

    ये बातें भी ध्यान रखें

    घर के मंदिर में ज्यादा बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार बताया गया है कि यदि हम मंदिर में शिवलिंग रखना चाहते हैं तो शिवलिंग हमारे अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग बहुत संवेदनशील होता है और इसी वजह से घर के मंदिर में छोटा-सा शिवलिंग रखना शुभ होता है। अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी छोटे आकार की ही रखनी चाहिए। अधिक बड़ी मूर्तियां बड़े मंदिरों के लिए श्रेष्ठ रहती हैं, लेकिन घर के छोटे मंदिर के छोटे-छोटे आकार की प्रतिमाएं श्रेष्ठ मानी गई हैं।

    कैसी जगह बनवाना चाहिए मंदिर

    घर में मंदिर ऐसे स्थान पर बनाया जाना चाहिए, जहां दिनभर में कभी भी कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी अवश्य पहुंचती हो। जिन घरों में सूर्य की रोशनी और ताजी हवा आती रहती है, उन घरों के कई दोष स्वत: ही शांत हो जाते हैं। सूर्य की रोशनी से वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है।

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