Home » Jeevan Mantra »Jyotish »Rashi Aur Nidaan » Signs Of Inauspicious Rahu In Daily Life

बार-बार दिखे मरी हुई छिपकली तो ये है राहु के अशुभ होने का संकेत, इन उपायों से परेशानियां हो सकती हैं दूर

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह विपरीत प्रभाव देने लगता है तो उससे जुड़े संकेत हमें दिखने लगते हैं।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 18, 2018, 05:45 PM IST

बार-बार दिखे मरी हुई छिपकली तो ये है राहु के अशुभ होने का संकेत, इन उपायों से परेशानियां हो सकती हैं दूर, religion hindi news, rashifal news

रिलिजन डेस्क.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई ग्रह विपरीत प्रभाव देने लगता है तो उससे जुड़े संकेत हमें हमारे दैनिक जीवन में देखने को मिलते हैं। जैसे मरी हुई छिपकली का बार-बार दिखना राहु के अशुभ हाेने का संकेत माना गया है। इस तरह के संकेतों को समझकर हम उस ग्रह से जुड़े उपाय कर सकते हैं, जिससे कि हमारी परेशानियां दूर हो सकती हैं। राहु के अशुभ होने पर याउज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार,जानिए जब राहु अशुभ होता है तो किस तरह के संकेत मिलते हैं और राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिएक्या उपाय करें-
1. अगर किसी व्यक्ति को बार-बार मरा हुआ सांप या छिपकली दिखाई दे तो ये अशुभ राहु का संकेत है।
2. जब राहु अशुभ फल देता है तो घर में पाला हुआ कोई जानकर जैसे- गाय, कुत्ता या भैंस आदि या तो खो जाते हैं या मर जाते हैं।
3. राहु अशुभ होने पर याददाश्त कमजोर होने लगती है।
4. बिना किसी बात के ही लोग आपके विरोध में खड़े होने लगते हैं और वाद-विवाद की स्थिति बनती है।
5. हाथ के नाखून उखड़ने लगते हैं या टेड़े-मेड़े हो जाते हैं।
6. कई बार चलते हुए मार्ग भटकने की स्थिति भी सामने आती है।
राहु के अशुभ फल से बचने के लिए ये उपाय करें-
1. अष्टधातु का कड़ा दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए।
2. बहते हुए पानी में कांच का टुकड़ा और नारियल बहाएं।
3. कुष्ठ रोगियों को जरूरत की चीजें दान करें।
4. काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं।
5. रात को सोते समय सिर के करीब जौ रखें और सुबह उन्हें पक्षियों को खिला दें।
6. जेब में ठोस चांदी का चौकोर टुकड़ा रखें।
7. अमावस्या की रात पीपल के नीचे दीपक जलाएं।

राहु कब होता है अशुभ
- राहु की उच्च राशि मिथुन है अत: इस राशि में होने पर यह बुरा फल नहीं देता।
- इसे शनि के समान माना जाता है अत: शनि की राशि (मकर, कुंभ) में होने पर भी बुरा फल नहीं देता।
कब होता है शुभ
- राहु क्रमश: तीसरे, छठे व दसवें भाव का कारक है अत: यहां यह शुभ फल ही देने वाला माना जाता है।
- ऐसा माना गया है कि दसवें भाव पर इसका प्रभाव राजयोग बनाता है जो राजनीति में सफलता दिलाने वाला होता है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप

Trending

Top
×