Home » Jeevan Mantra »Jyotish »Rashi Aur Nidaan » Shivpuran Ke Upay, Bilwa Patra Ke Upay, Jyotish Ke Upay In Hindi

शास्त्रों से- शिवजी के प्रिय बिल्व पत्र की 9 खास बातें, इन पत्तों से दूर हो सकता है दुर्भाग्य

शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाने से दूर हो सकता है बुरे से बुरा समय

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 06, 2018, 08:45 PM IST

    • रिलिजन डेस्क।शिवपुराण के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु और महेश, इन तीनों देवों में महेश अर्थात् शिवजी को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। महादेव को पूजा में कई प्रकार की सामग्रियां अर्पित की जाती हैं। इनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं बिल्व के पत्ते। ऐसा माना जाता है कि सिर्फ बिल्व की पत्तियां चढ़ाने से भी महादेव प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों को बुरे समय से बचा लेते हैं। इसी वजह से इन बिल्व पत्रों को चमत्कारी माना जाता है। यहां जानिए उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पं. सुनील नागर के अनुसार बिल्व पत्र से जुड़ी खास बातें...

      1.बिल्व पत्र के संबंध में एक खास बात यह है कि शिवलिंग पर चढ़े हुए बिल्व पत्र को कई दिनों तक बार-बार धोकर पुन: शिवजी को अर्पित किया जा सकता है।

      2.शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग पर प्रतिदिन बिल्व पत्ते चढ़ाने से सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त हो जाती हैं। बिल्व पत्तों का अधिक महत्व होने के कारण ही शास्त्रों में इसके लिए कई प्रकार के नियम बताए गए हैं। कुछ दिन और तिथियां ऐसी हैं, जब इन पत्तों को नहीं तोडऩा चाहिए।

      3.किसी भी माह की अष्टमी, चर्तुदशी, अमावस्या, पूर्णिमा तिथि पर बिल्व पत्र नहीं तोडऩा चाहिए। इसके अलावा सोमवार को बिल्व पत्र नहीं तोडऩा चाहिए। इन तिथियों पर बिल्व के पत्ते नहीं तोड़े जाने चाहिए। अत: एक दिन पहले ही तोड़े हुए बिल्व पत्र पूजन में उपयोग किए जाने चाहिए।

      4.किसी भी दिन खरीदकर लाया हुआ बिल्वपत्र हमेशा ही शिव पूजा में शामिल किया जा सकता है।

      5.शास्त्रों के अनुसार रविवार और द्वादशी तिथि एक साथ होने पर बिल्व वृक्ष का विशेष पूजन करना चाहिए। इस पूजन से व्यक्ति से ब्रह्महत्या जैसे महापाप से भी मुक्त हो जाता है।

      6.शास्त्रों में बताया गया है जिस स्थान पर बिल्ववृक्ष है, वह स्थान काशी तीर्थ के समान पूजनीय और पवित्र है। ऐसी जगह जाने पर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

      7.घर में बिल्ववृक्ष लगाने से परिवार के सभी सदस्य कई प्रकार के पापों के प्रभाव से मुक्त हो जाते हैं। इस वृक्ष के प्रभाव से सभी सदस्य यशस्वी होते हैं, समाज में मान-सम्मान मिलता है। ऐसा शास्त्रों में वर्णित है।

      8.शास्त्रों के अनुसार बिल्व का वृक्ष घर के उत्तर-पश्चिम में हो तो यश बढ़ता है, उत्तर-दक्षिण में हो तो सुख-शांति बढ़ती है और बीच में हो तो मधुर जीवन बनता है।

      9.अगर कोई व्यक्ति किसी बड़ी परेशानी में उलझा हुआ है तो उसे शिव मंत्र ऊँ नम: शिवाय के साथ 51 बिल्व पत्र शिवलिंग पर चढ़ाने हैं। ये उपाय 21 दिनों तक करना चाहिए।

    दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

    Trending

    Top
    ×