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निर्जला एकादशी 24 को : श्रीकृष्ण पूजा की 6 स्टेप्स, तुलसी के पत्ते डालकर लगाएं माखन-मिश्री का भोग, घी का दीपक जलाकर बोलें कृष्ण मंत्र

एकादशी बाल गोपाल की पूजा करने से कुंडली के सभी दोष दूर हो सकते हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 22, 2018, 05:45 PM IST

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रिलिजन डेस्क।रविवार, 24 जून को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। महाभारत के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत करने से सालभर की सभी एकादशी के बराबर पुण्य फल मिल सकता है। इस दिन श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की विशेष पूजा 6 स्टेप्स में कर सकते हैं। पूजा में भोग के साथ तुलसी भी चढ़ाएं। घी का दीपक जलाकर मंत्रों का जाप करें। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार एकादशी पर भगवान विष्णु और उनके अवतारों की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन बाल गोपाल की विशेष पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ सकती है। जानिए बाल गोपाल की सामान्य पूजा विधि...

# पूजा के लिए जरूरी हैं ये चीजें

बाल गोपाल की मूर्ति के स्नान के लिए बड़ा बर्तन, तांबे का लोटा, कलश, दूध, वस्त्र, आभूषण, चावल, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, फूल, अष्टगंध, तुलसी, तिल, जनेऊ, फल, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, माखन-मिश्री, पान, दक्षिणा।

# पूजा की सामान्य विधि

1. सुबह जल्दी उठें और घर के मंदिर में पूजा की व्यवस्था करें। सबसे पहले श्रीगणेश की पूजा करें। गणेशजी को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें।

2. फूल चढ़ाएं। धूप-दीप जलाएं। चावल चढ़ाएं।

3.गणेशजी के बाद श्रीकृष्ण की पूजा करें। श्रीकृष्ण को स्नान कराएं।

4. स्नान पहले शुद्ध जल से फिर पंचामृत से और फिर शुद्ध जल से कराएं। इसके बाद वस्त्र अर्पित करें।

5. वस्त्रों के बाद आभूषण पहनाएं। हार-फूल, फल मिठाई, जनेऊ, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, पान, दक्षिणा और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं। तिलक करें। धूप-दीप जलाएं। तुलसी के पत्ते डालकर माखन-मिश्री का भोग लगाएं।

6. कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जाप 108 बार करें।

7. कर्पूर जलाएं। आरती करें। आरती के बाद परिक्रमा करें। पूजा के बाद अन्य भक्तों को प्रसाद बांट दें।

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