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रविवार और एकादशी का योग : पूरे साल में सिर्फ 1 बार ही आती है निर्जला एकादशी

अगर कोई व्यक्ति एकादशी पर व्रत-उपवास करता है तो उसे धर्म लाभ के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 22, 2018, 11:33 AM IST

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रिलिजन डेस्क।रविवार, 24 जून को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है, इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी का काफी अधिक महत्व है और ये साल में सिर्फ एक ही बार आती है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करने से किसी भी व्यक्ति की किस्मत चमक सकती है। स्कंद पुराण के एकादशी महात्म्य अध्याय में श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सभी एकादशियों का महत्व बताया है।

महाभारत के अनुसार इस एकादशी पर व्रत करने से सालभर की सभी एकादशियों के व्रत के बराबर पुण्य फल मिल जाता है।अगर कोई व्यक्ति पूरे साल की एकादशी पर व्रत और उपाय नहीं करता है तो उसे निर्जला का एकादशी पर विशेष उपाय और व्रत कर लेना चाहिए। इससे कुंडली के दोष और दुर्भाग्य दूर हो सकता है। उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और ज्योतिर्विद पं. सुनील नागर के अनुसार जानिए रविवार और एकादशी के योग में कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं...

1.सुबह जल्दी उठें और उठते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियां देखें। मंत्र बोलें कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविंद, प्रभातेकरदर्शनम्।।

2. पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालें और स्नान करें। ऐसा करने से घर पर ही तीर्थ स्नान का फल मिल सकता है।

3. स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं। मंत्र बोलें ऊँ सूर्याय नम:।

4. किसी गरीब को या मंदिर में तिल, वस्त्र, धन, फल और मिठाई का दान करें।

5. अगर संभव हो सके तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें। स्नान करते समय वरुण मंत्र- ऊँ वरुणाय नमः का जाप करें।

6. इस दिन निर्जल रहकर व्रत करना चाहिए। निर्जल यानी बिना पानी का व्रत। अगर निर्जल व्रत नहीं कर सकते हैं तो फलाहार और दूध का सेवन करते हुए व्रत कर सकते हैं।

7. इस तिथि पर स्नान के बाद घर के मंदिर में पूजा करें। पितरों के लिए तर्पण करें। किसी मंदिर जाकर भगवान के सामने धूप, दीप जलाएं। प्रसाद, हार-फूल, केसर आदि चीजें चढ़ाएं।

8. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की भी विशेष पूजा करें। भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं। माता पार्वती को सुहाग की चीजें अर्पित करें।

9. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा जरूर करें। पूजा में भगवान विष्णु की किसी भी कथा का पाठ करें। कथा जैसे रामायण, सत्यनारायण की कथा, विष्णु पुराण आदि।

10. किसी शिव मंदिर जाएं और भगवान को नारियल, बिल्वफल, सीताफल, सुपारी, मौसमी फल आदि चीजें चढ़ाएं।

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