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महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में ध्यान रखें कुछ बातें, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

महाकाल मंदिर में की 1 गलती और 2 महिलाएं मंदिर में नहीं कर पाएंगी प्रवेश

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 21, 2018, 01:13 PM IST

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    रिलिजन डेस्क।बारह ज्योतिर्लिंग में से एक उज्जैन के महाकालेश्वर के दर्शन मात्र से भक्त की सभी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। इसीलिए यहां रोज हजारों श्रद्धालु देशभर से पहुंचते हैं। विशेष दिनों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्यों लाखों में पहुंच जाती है। अगर आप भी महाकाल मंदिर जाना चाहते हैं तो मंदिर परिसर में कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। वरना कानूनी परेशानियां बढ़ सकती हैं। हाल ही में दो महिलाओं में महाकाल मंदिर के नंदी हाल में केक काटकर खुद का जन्मदिन मनाया था। इन महिलाओं के नाम हैं नंदिनी जोशी और साधना उपाध्याय। नंदिनी और साधना ने मंदिर में केक काटा और उसका वीडियो भी बनाया। ये वीडियो वायरल हो गया था। इस घटना के खिलाफ महाकाल मंदिर प्रशासन ने कानूनी कार्यवाही की है।

    # ये है पूरा मामला

    - उज्जैन मेट्रो सिनेमा रोड स्थित स्लीमिंग सेंटर संचालक नंदिनी जोशी व साधना उपाध्याय ने 7 मई को दोपहर 1.10 बजे महाकाल मंदिर के नंदीगृह में केक काटा था।

    - इसमें महिला होमगार्ड सैनिक मीना प्रजापत ने उनका सहयोग किया था। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर मनीष सिंह ने इस घटना को लेकर एडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

    - एडीएम जीएस डाबर ने शनिवार को नंदिनी जोशी और साधना उपाध्याय को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए। 25 मई को सुबह 11 बजे दोनों को एडीएम कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होंगे। दोनों को एक-एक लाख रु. का प्रतिभूति व बंधपत्र भी देना होंगे।

    - नंदिनी जोशी और साधना उपाध्याय के खिलाफ प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक धारा में केस दर्ज किया है। दोनों को धारा 107, 116 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।

    - दोनों महिलाएं अब एक महीने तक मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाएंगी। महाकाल मंदिर में परंपरा का उल्लंघन करने के मामले में पहली बार दर्शनार्थियों पर ऐसी कार्रवाई की है।

    - कलेक्टर व मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष मनीष सिंह के अनुसार मंदिर की अपनी परंपराएं हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए। मंदिर में अनुशासन बना रहे इसके लिए घटना की गंभीरता को देखते कार्रवाई की है।

    # मंदिर में दर्शनार्थियों को ध्यान रखनी चाहिए ये बातें

    - एडीएम जीएस डाबर के अनुसार केक काटना मंदिर की परंपरा नहीं है और मंदिर की गरिमा के प्रतिकूल है। इससे अनुशासन भी भंग हुआ है।

    - इस घटना से भविष्य में ऐसी कोई अन्य वस्तु भी मंदिर परिसर में लाए जाने की संभावना बनी रहेगी, जिससे शांति और मंदिर की व्यवस्थाएं भंग हो सकती है, अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। ऐसा काम करने वालों के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107, 116 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

    - वरिष्ठ अभिभाषक किरण जुनेजा के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को लेकर प्रशासन को यह आशंका रहती है कि वह भविष्य में शांति भंग करने का कोई ऐसा काम कर सकता है तो उसके खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत बाउंड ओवर किया जाता है।

    - अगर प्रतिभूति राशि जमा नहीं होती है तो धारा 116 के तहत आदेश जारी कर संबंधित को सीधे जेल भेजने का प्रावधान है।

    - आरोपियों को जवाब पेश करना होगा और कोर्ट को जमानत देना होगी कि छह महीने तक वे इस तरह का कोई काम नहीं करेंगे। यदि छह महीने में उन्होंने दोबारा ऐसा काम किया तो उनकी जमानत राशि जब्त की जा सकती है तथा छह महीने की सजा भी दी जा सकती है।

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    नंदिनी जोशी और साधना उपाध्याय ने महाकाल मंदिर के नंदीगृह में केक काटा था।

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