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महर्षि कात्यायन की पुत्री हैं कात्यायनी

नवरात्रि के छठे दिन आदिशक्ति श्री दुर्गा का षष्ठम् रूप कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विधान है।

धर्म डेस्क. उज्जैन | Last Modified - Mar 12, 2018, 06:54 PM IST

महर्षि कात्यायन की पुत्री हैं कात्यायनी

नवरात्रि के छठे दिन आदिशक्ति श्री दुर्गा का षष्ठम् रूप कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विधान है। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं। नवरात्रि के षष्ठम दिन इनकी पूजा और आराधना होती है। श्री कात्यायनी की उपासना से आज्ञा चक्र जाग्रति की सिद्धियां साधक को स्वयंमेव प्राप्त हो जाती है। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौलिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है तथा उसके रोग, शोक, संताप, भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं।



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