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जगन्नाथ मंदिर के खजाने की चाबी गुम, पद्मनाभ मंदिर में भी है हजारों करोड़ का खजाना

जगन्नाथ मंदिर के बाहरी और भीतरी भंडार में 12वीं सदी का कई सौ करोड़ का खजाना मौजूद हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 12, 2018, 06:27 PM IST

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रिलिजन डेस्क। उड़ीसा के पुरी का जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक है। हाल ही में इस मंदिर के खजाने की चाबी गायब होने की बात सामने आई है। ऐसा कहा जा रहा है कि खजाने की चाबी गायब हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मामला अब सामने आया है। आपको बता दें कि जगन्नाथ मंदिर के बाहरी और भीतरी भंडार में 12वीं सदी का कई सौ करोड़ का खजाना मौजूद हैं। भारत में और भी कई ऐसे मंदिर हैं, जहां हजारों करोड़ का खजाना आज भी मौजूद है।


जांच में मिली थी चांदी की ईंटें
जगन्नाथ मंदिर में सात चैम्बर हैं। मंदिर प्रबंधन इनमें से सिर्फ दो का इस्तेमाल करता है। एक को बाहर भंडार और दूसरे को भीतर भंडार कहा जाता है। मंदिर में मौजूद बाकी के पांच चैंबर अब तक खोले नहीं गए हैं और न ही किसी को पता है कि इसमें कितना सोना, रत्न या आभूषण रखे हैं।


रसोई है प्रमुख आकर्षण
जगन्नाथ मंदिर का एक बड़ा आकर्षण यहां की रसोई है। यह रसोई विश्व की सबसे बड़ी रसोई के रूप में जानी जाती है। इस रसोई में भगवान जगन्नाथ के लिए भोग तैयार किया जाता है। इस विशाल रसोई में भगवान को चढ़ाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए लगभग 500 रसोइए तथा उनके 300 सहयोगी काम करते हैं।

पद्मनाभ मंदिर में भी है हजारों करोड़ का खजाना
साल 2011 में केरल का पद्मनाभ मंदिर उस समय सुर्खियों में आ गया था, जब यहां से हजारों करोड़ का खजाना निकला था। माना जाता है कि इस मंदिर के पास 2 लाख करोड़ रुपए की दौलत है। मंदिर का मौजूदा स्वरूप त्रावणकोर के राजाओं ने बनवाया। यह भी माना जाता है कि मंदिर में मौजूद अकूत संपत्ति त्रावणकोर शाही खानदान की ही है। 2011 में कैग की निगरानी में पद्मनाभस्वामी मंदिर से करीब एक लाख करोड़ रुपए मूल्य का खजाना निकाला जा चुका है। अभी मंदिर का एक तहखाना खुलना बाकी है। इसीलिए इसे भारत का सबसे अमीर मंदिर कहा जाता है।

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