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नागों के पिता हैं कश्यप ऋषि, इनके ही नाम से बना कश्मीर, अनंतनाग से नारानाग तक, नागों के नाम पर हैं ये जगहें

मान्यता के अनुसार, कश्यप ऋषि के नाम से ही कश्मीर का नाम पड़ा, वे ही यहां के पहले राजा भी थे।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 12, 2018, 01:58 PM IST

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रिलिजन डेस्क। इस बार 27 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है। ये यात्रा जम्मू-कश्मीर के पहलगाव और बालटाल से शुरू होकर अगले पड़ाव तक जाती है। जम्मू-कश्मीर में अनेक धार्मिक स्थल हैं जो लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। यहां कई ऐसी जगहें हैं जिनका नाम नागों के नाम पर है जैसे-अनंतनाग, वेरीनाग आदि। कश्मीर का नाम कश्मीर क्यों पड़ा, इसको लेकर भी कई मान्यताएं हैं। आज हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं...



इसलिए कहते हैं कश्मीर
मान्यता है कि कश्यप ऋषि कश्मीर के पहले राजा थे। राजतरंगिणी तथा नीलम पुराण की कथा के अनुसार, कश्‍मीर की घाटी कभी बहुत बड़ी झील हुआ करती थी। कश्यप ऋषि ने यहां से पानी निकाला और इसे मनोरम प्राकृतिक स्‍थल में बदल दिया। कश्मीर को उन्होंने अपने सपनों का राज्य बनाया। उनकी एक पत्नी कद्रू के गर्भ से नागों की उत्पत्ति हुई इन्हीं से नागवंश की स्थापना हुई। इसलिए आज भी जम्मू कश्मीर की कई जगहों का नाम नागों के नाम पर है जैसे- अनंतनाग, कमरुनाग, वेरीनाग आदि। आज हम आपको इन्हीं के बारे में बता रहे हैं-


अनंतनाग
अनंत का अर्थ है, जिसका कोई अंत न हो। भगवान शेषनाग का भी एक नाम अनंत है। अनंतनाग जम्मू-कश्मीर राज्य में श्रीनगर से 50 किमी दक्षिण-पूर्व में झेलम नदी के किनारे स्थित है।अनंतनाग कश्मीर की प्राचीन राजधानी था। सरोवरों के लिए प्रसिद्ध अनंतनाग जम्मू-कश्मीर का एक नगर है। यहाँ से 3 मील पूर्व की ओर प्रसिद्ध मार्तण्ड सूर्य मंदिर है।


कमरुनाग मंदिर
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर कमरुनाग नाम की एक जगह है। यहां कमरुनाग का मंदिर भी है और एक झील भी। प्राचीन मान्यता है कि कमरुनाग घटोत्कच के पुत्र बर्वरीक का ही एक नाम है। वे ही इस स्थान की रक्षा करते हैं।


कोकरनाग
कोकरनाग जम्मू-कश्मीर राज्य के अनंतनाग में स्थित एक पर्यटन स्थल है। असल में कोकरनाग का नाम'बिन्दू ज़लांगम'है और यह नाम रिकॉर्ड में भी दर्ज है। यह स्थान ज़िला मुख्यालय से लगभग 17 किमी की दूरी पर है। यहां कई छोटे-छोटे सरोवर स्थित है और इन सरोवरों को एकत्रित रूप से'कोकर'नाम से जाना जाता है। कोकरनाग शुद्ध जल की कश्मीर की सबसे विशाल सरोवर है।


वेरीनाग
वेरीनाग जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है,जो कश्मीर घाटी के मुग़ल उद्यानों का सबसे पुराना स्थान है। वेरीनाग अनंतनाग से लगभग 26 कि.मी. की दूरी पर है। यहाँ पर एक झरना है,जिसे झेलम नदी का स्रोत माना जाता है।


नारानाग
नारानाग जम्मू-कश्मीर के गान्दरबल ज़िले का एक पर्वतीय पर्यटक स्थल है। यहां लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक-दूसरे की तरफ़ मुख किये हुए मंदिरों का एक समूह है। इतिहासकारों के अनुसार शिव को समर्पित इन मंदिरों को 8वीं सदी में कश्मीर-नरेश ललितादित्य ने बनवाया था। यह मंदिर वंगत नदी के दाएँ किनारे पर भूतशेर पर्वत ('भूतेश्वर पर्वत'का परिवर्तित रूप) के चरणों में स्थित हैं।


कौसरनाग
कौसरनाग जम्मू- कश्मीर के कुलगाम जिले के पीर पंजाल पर्वतश्रेणी में ऊंचाई पर स्थित एक झील है। यह झील लगभग 3 किमी लम्बी है। इसकी अधिकतम चौड़ाई लगभग 1 किमी है। इस झील पर पहुंचने का मार्ग अहरबल नामक प्रसिद्ध जलप्रपात से होकर जाता है।

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