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मरने से पहले एक पिता ने बेटे को दी जीवन की सबसे बड़ी सीख

जब बेटा कोयला लेकर आया तो उन्होंने दूसरे हाथ में कोयले रखने को कहा।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 28, 2018, 06:27 PM IST

  • मरने से पहले एक पिता ने बेटे को दी जीवन की सबसे बड़ी सीख

    रिलिजन डेस्क। एक व्यक्ति जब अपनी अंतिम सांसें ले रहा था, तब उसने बेटे को बुलाया और कहा कि- मरने से पहले मैं तुम्हें एक अंतिम और अति महत्वपूर्ण शिक्षा देना चाहता हूं। इसके बाद उस व्यक्ति ने अपने बेटे को धूपदान लाने को कहा। जब वह धूपदान लेकर आया, तो उस व्यक्ति ने उसमें से चुटकी भर चंदन लेकर उसके हाथ पर लगा दिया और उसे कोयला लाने के लिए कहा।
    जब बेटा कोयला लेकर आया तो उन्होंने दूसरे हाथ में कोयले रखने को कहा। कुछ देर बाद पिता ने अपने पुत्र को दोनों चीजें अपनी जगह पर रखकर आने को कहा। पुत्र ने वैसा ही किया। जब वह लौटा तो उसकी जिस हथेली में चंदन था, वह सुंगध से अब भी महक रही थी और जिस हाथ में कोयला था वह हाथ काला दिखाई पड़ रहा था।
    उस व्यक्ति ने अपने बेटे को समझाया कि- अच्छे लोगों का साथ चंदन जैसा होता है। जब तक उनका साथ रहेगा, तब तक तो सुगंध मिलेगी ही, लेकिन साथ छूटने के बाद भी उनके सद्विचारों की सुगंध से जिदंगी तरोताजा बनी रहेगी, जबकि दुर्जनों का साथ कोयले जैसा है। कुसंगति से प्राप्त कुसंस्कारों का प्रभाव आजीवन बना रहता है।
    इसलिए जीवन में हमेशा चंदन जैसे संस्कारी व्यक्तियों के ही साथ रहना और कोयले जैसे कुसंग से दूर रहना। शायद इसीलिए कहा गया है-चंदन की चुटकी भली, गाड़ी भरान काठ अर्थात चंदन की चुटकी भी मन को उल्लास से भर देती है जबकि गाड़ी भर लकड़ी भी इस कार्य को संपन्न नहीं कर सकती।

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