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श्रीकृष्ण पहनते हैं वैजयंती की माला, आप भी पहनेंगे तो दुर्भाग्य दूर हो सकता है दूर

सोमवार या शुक्रवार को धारण करें ये माला, नकारात्मकता और दुर्भाग्य हो सकता है दूर

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 15, 2018, 03:03 PM IST

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रिलिजन डेस्क.भगवान श्रीकृष्ण मस्तक पर मोर पंख और गले में एक खास माला धारण किए रहते हैं। इसे वैजयंती की माला कहा जाता।उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और भागवत कथाकार पं. सुनील नागर के अनुसार शास्त्रों में बताया गया है कि श्रीकृष्ण को 6 चीजें विशेष प्रिय हैं। ये चीजें हैं गाय, बांसुरी, मोर पंख, माखन, मिश्री और वैजयंती माला। आप भी वैजयंती की माला धारण कर सकते हैं। इस माला के शुभ असर से आकर्षण बढ़ता है। सोच सकारात्मक बनती है, भगवान की कृपा से दुर्भाग्य दूर हो सकता है और कार्यों में सफलता मिल सकती है। जानिए वैजयंती की माला से जुड़ी खास बातें...
- मान्यता है कि जो भी व्यक्ति वैजयंती की माला धारण करता है, वह सुख-समृद्धि और धन-सपंत्ति प्राप्त करता है।
- वैजयंती माला को किसी भी सोमवार या शुक्रवार को पहन सकते हैं। धारण करने से पहले गंगाजल या शुद्ध जल से धो लेना चाहिए।
- जिन लोगों में आत्म विश्वास की कमी होती है, अगर वे लोग ये माला धारण करते हैं तो व्यक्ति का खुद पर विश्वास बढ़ता है।
- अगर मन की अशांति दूर करना चाहते हैं तो इस माला को पहनने से मानसिक शांति प्राप्त होती है।
- इस माला के असर व्यक्ति बुरी नजर से बचता है और नकारात्मकता से भी रक्षा होती है।
- वैजयंती एक पौधे का नाम है। इसके पत्ते थोड़े लंबे होते हैं, चौड़ाई कम होती है। इसमें टहनियां नहीं होती हैं।
- वैजयंती में लगने वाले फूल लाल या पीले रंग के होते हैं। ये फूल गुच्छों में लगते हैं। फूलों के साथ ही छोटे-छोटे गोल दाने भी होते हैं, जो कि थोड़े कठोर होते हैं।
- इन कठोर दानों में छेद करके माला बनाई जाती है। इस माला को गले में धारण किया जाता है। ये माला किसी भी पूजन-सामग्री की दुकान से खरीदी जा सकती है।

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