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4 कारण, जिनकी वजह से नहीं मिलता पूजा का पूरा फल और हो सकता है बुरा असर

सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद पूजा करना हमरे जीवन का महत्वपूर्ण काम है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 03, 2018, 07:03 PM IST

    • रिलिजन डेस्क। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान की पूजा अगर मन लगाकर की जाए तो दुनिया के सभी सुख मिल सकते हैं। यही कारण है कि हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना गया है। सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद पूजा करना हमरे जीवन का महत्वपूर्ण काम है।
      उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, धर्म ग्रंथों में भी पूजा से जुड़े कई नियम बताए गए हैं। इन नियमों का ठीक तरह से पालन करने पर ही पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है। नारद पुराण में भी पूजा से संबंधित कुछ बातें बताई गई हैं। उसके अनुसार, पूजा करते समय यदि व्यक्ति के मन में आगे बताई गई 4 भावनाएं आ जाएं तो उसका पूरा फल नहीं मिलता। ये 4 भावनाएं कौन सी हैं, इसकी जानकारी इस प्रकार है-


      1. लोभ यानी लालच
      जो व्यक्ति किसी लालच या स्वार्थ में आकर भगवान की पूजा करता है, उसे उसका पूरा फल नहीं मिलता। निस्वार्थ भाव से की गई पूजा ही फलदायक होती है।


      2. भय यानी डर
      कुछ लोग भय यानी किसी अनहोनी के डर से भगवान की पूजा करते हैं। ऐसे भाव से की गई पूजा का भी संपूर्ण फल नहीं मिलता।


      3. अज्ञानता यानी बिना जानकारी के
      पूजा-पद्धति की जानकारी न होने पर भी भगवान की आराधना नहीं करनी चाहिए। इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।


      4. दूसरों के कहने पर यानी दवाब में आकर

      कई लोग दूसरों के कहने पर या घर वालों के दबाव में आकर पूजा करते हैं। इस तरह बिना मन से की गई पूजा भी पूरा फल नहीं देती।

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    Web Title: Hindu Worship, Mistakes In Worship, Precautions In Worship, Narad Puran
    (News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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