Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Granth »Ramayan » शिवजी ने कब और किससे सुनी रामायण?

शिवजी ने कब और किससे सुनी रामायण?

रामजी की कथा सुनकर गरूडज़ी को रामजी के चरणों में विश्वास उत्पन्न हो गया

धर्मडेस्क. उज्जैन | Last Modified - Jul 12, 2018, 04:45 PM IST

शिवजी ने कब और किससे सुनी रामायण?

रिलिजन डेस्क. रामायण में अब तक आपने पढ़ा... योग, यज्ञ, व्रत और दान किए जाते हैं। उसे मैं इसी कर्म से पाऊंगा। तब तो इसके समान कोई धर्म ही नहीं है। वसिष्ठ ने रामजी से कहा मैं आपसे एक वर मांगता हूं, कृपा करके दीजिए। आप के चरणकमलों में मेरा प्रेम जन्मजन्मांतर तक कभी न घटे। ऐसा कहकर वसिष्ठ मुनि घर आए। रामजी नगर के बाहर आए और वहां उन्होंने हाथी, रथ और घोड़े मंगवाए और जिस जिसने चाहा, उस उसको उचित जानकर दिया अब आगे...
रामजी की कथा सुनकर गरूडज़ी को रामजी के चरणों में विश्वास उत्पन्न हो गया। शिवजी ने पार्वतीजी से कहा है उमा मैं वह सब आदरसहित कहूंगा। तुम मन लगाकर सुनो मैंने जिस तरह ये जन्म-मृत्यु से छुड़वाने वाली यह कथा तुम्हे सुनाई। अब तुम यह प्रसंग सुनो। पहले तुम्हारा अवतार दक्ष के घर में हुआ था। तब तुम्हारा नाम सती था।। दक्ष के यज्ञ में तुम्हारा अपमान हुआ तब तुमने क्रोध से अपने प्राण त्याग दिए और फिर मेरे सेवकों ने यज्ञ विध्वंस कर डाला। वह सारा प्रसंग तो तुम जानती ही हो।
तब मेरे मन में बड़ा सोच हुआ और मैं तुम्हारे वियोग से दुखी हो गया। मैं विरक्तभाव से सुंदर वन, पर्वत, नदी और तालाबों का दृश्य देखता फिरता था। सुमेरु पर्वत की उत्तर दिशा में, और भी दूर एक बहुत ही सुंदर नील पर्वत है। उसके सुंदर स्वर्णमय शिखर हैं मैं वहां पहुंचा। चार सुंदर शिखर मेरे मन को बहुत ही अच्छे लगे। उन शिखरों में एक-एक पर बरगद, पीपल पाकर और आम के बहुत विशाल पेड़ हैं। पर्वत के ऊपर बहुत सुंदर तालाब सुशोभित है। जिसकी मणियों की सिढिय़ां देखकर मन मोहित हो जाता है। उसका जल शीतल और निर्मल मीठा है।
उसमें रंग बिरंगे बहुत से क ल खिले हुए हैं। उस सुंदर पर्वत पर वही पक्षी यानी काकाभशुण्डी बसता है। उसका नाश कल्प के अन्त में भी नहीं होता। आम की छाया में मानसिक पूजा करता है। बरगद के नीचे हरि की कथाओं के प्रसंग करता है। वहां अनेकों पक्षी आते और कथा सुनते हैं। वहां मैंने हंस का शरीर धारण किया। कुछ समय के लिए वहां निवास किया और रामजी के गुणों को सुनकर आदर सहित वहां लौट आया।

Related Articles:

आंखों की इन बड़ी प्रॉब्लम्स के लिए आजमाएं धनिए का ये छोटा सा प्रयोग
वेट लूजिंग के कुछ आसान फंडे....
भगवान को मनाने के लिए जरुरी हैं ये चार चीजें लेकिन....
कुछ माने हुए अचूक रामबाण: इन्हें अपनाएं, नहीं रहेगा पथरी का नामोंनिशान


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप

Trending

Top
×