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इस मंदिर की रक्षा करता है और प्रसाद खाता है रहस्यमयी मगरमच्छ, जानिए कहां है ये मंदिर

केरल में एक ऐसा मंदिर है, जहां की झील में मगरमच्छ रहता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 06, 2018, 05:21 PM IST

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    यूटिलिटी डेस्क.भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जिनके रहस्य भक्तों को आकर्षित करते हैं। ऐसा ही एक मंदिर केरल में भी है। केरल के इस मंदिर में एक झील है और झील में एक मगरमच्छ है। यहां प्रचलित मान्यता के अनुसार ये मगरमच्छ बहुत ही रहस्यमयी और शाकाहारी है। केरल के कासरगोड में अनंतपुर मंदिर है। यह केरल का एकमात्र मंदिर है, जहां झील है। इस मंदिर की यह मान्यता है कि यहां की रखवाली एक मगरमच्छ करता है। जानिए अनंतपुर मंदिर से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जो अधिकतर लोग जानते नहीं हैं...

    इस मगरमच्छ का नाम है बबिआ

    अनंतपुर मंदिर का एक रहस्य है कि जब यहां झील में रह रहे एक मगरमच्छ की मृत्यु होती है तो रहस्यमयी ढंग से दूसरा मगरमच्छ आ जाता है। इस मगरमच्छ को बबिआ के नाम से जाना जाता है। दो एकड़ की झील के बीच में ये मंदिर बना है और ये भगवान विष्णु यानी भगवान अनंत-पद्मनाभस्वामी को समर्पित है। मान्यता है कि मंदिर की झील में रहने वाला यह मगरमच्छ पूरी तरह शाकाहारी है और यहां के पुजारी इसे प्रसाद खिलाते हैं।

    किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है मगरमच्छ

    यहां स्थानीय लोगों का मानना है कि क्षेत्र में बारिश कम हो या ज्यादा झील में पानी का स्तर हमेशा एक जैसा ही रहता है। भगवान की पूजा के बाद भक्तों द्वारा चढ़ाया गया प्रसाद बबिआ को खिलाया जाता है। प्रसाद खिलाने की अनुमति आम लोगों को नहीं है, सिर्फ मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोग ही मगरमच्छ को खाना खिलाते हैं। मगरमच्छ शाकाहारी है और वह झील के अन्य जीवों को नुकसान नहीं पहुंचाता।

    मगरमच्छ करता है मंदिर की रक्षा

    यहां प्रचलित मान्यता के अनुसार ये मगरमच्छ ही मंदिर की रक्षा करता है। अगर मंदिर के आसपास कुछ अशुभ होने की संभावनाएं होती हैं तो ये मगरमच्छ संकेत देता है।

    औषधियों से बनी है इस मंदिर की मूर्तियां

    इस मंदिर में स्थापित मूर्तियां धातु या पत्थर की नहीं बल्कि औषधियों से बनी हुई हैं। यह मंदिर तिरुअनंतपुरम के अनंत-पद्मनाभस्वामी का मूल स्थान है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि भगवान यहीं आकर स्थापित हुए थे।

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