Home » Jeevan Mantra »Jyotish »Rashi Aur Nidaan » Amawasya Ke Upay

आज अमावस्या : सूर्यास्त के बाद हनुमान मंदिर में जलाएं तेल का दीपक, परेशानियां हो सकती हैं दूर

आज 13 जुलाई, शुक्रवार को आषाढ़ मास की अमावस्या है। ज्योतिष में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 13, 2018, 11:27 AM IST

आज अमावस्या : सूर्यास्त के बाद हनुमान मंदिर में जलाएं तेल का दीपक, परेशानियां हो सकती हैं दूर, religion hindi news, rashifal news

रिलिजन डेस्क.आज 13 जुलाई, शुक्रवार को आषाढ़ मास की अमावस्या है। ज्योतिष में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार अमावस्या पर किए गए उपाय जल्दी शुभ फल प्रदान करते हैं। अमावस्या को सूर्यास्त के बाद हनुमान मंदिर में तेल का दीपक जलाने और श्रीराम नाम का जाप 108 करने के अलावा नीचे बताए गए उपायों से न केवल परेशानियों से बचा जा सकता है बल्कि इन्हे दूर भी किया जा सकता है और कार्यों में सफलता मिल सकती है। जानिए इस दिन कुंडली के दोष दूर करने के लिए रात से पहले कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं...
1. सूर्यास्त के बाद हनुमान मंदिर में तेल का दीपक जलाएं और श्रीराम नाम का जाप 108 बार करें।
2. भगवान विष्णु के मंदिर जाएं और भगवान के दर्शन करके मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप 108 बार करें। विष्णु भगवान को केले का और हलवे का भोग लगाएं।
3. घर के मंदिर में विष्णुजी के साथ ही महालक्ष्मी की पूजा करें। विष्णुजी के अवतार श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
4. किसी मंदिर जाएं और ध्वज यानी झंडे का दान करें। मिठाई का भोग लगाएं और मंदिर में ही भक्तों को बांटें।
5. शिवजी के सामने दीपक जलाएं और ऊँ सांब सदा शिवाय नम: मंत्र का जाप 108 बार करें। शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं।
6. पीपल के नीचे दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। भगवान से परेशानियां दूर करने की प्रार्थना करें।
7. किसी गरीब को काले छाते का दान करें। इससे शनि के दोष दूर हो सकते हैं।
8. किसी मंदिर में सवा किलो चावल का दान करें। इससे धन संबंधी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
9. सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं।
10. घर के मंदिर में कर्पूर जलाएं। इससे घर की नकारात्मकता दूर हो सकती है।

क्या है अमावस्या?
- ज्योतिष के अनुसार चन्द्रमा को मन का देवता माना जाता है और अमावस्या को चन्द्रमा दिखाई नहीं देता।
- ऐसे में माना जाता है कि जो व्यक्ति नकारात्मक सोच वाला होता है उसे नकारात्मक शक्ति अपने प्रभाव में ले लेती है।
- शास्त्रों के अनुसार पितृदेव को अमावस्या का स्वामी माना जाता है। अमावस्या को सूर्य और चन्द्र के मिलन का काल माना गया है। इस दिन दोनों एक ही राशि में रहते हैं।
क्या न करें?
- इस दिन किसी भी प्रकार की तामसिक चीजें जैसे प्याज, लहसुन या मांस आदि नहीं खाना चाहिए।
- इस दिन किसी भी तरह के नशे से भी दूर रहना चाहिए।

- पति-पत्नी के बीच संबंध नहीं बनना चाहिए। गरुण पुराण के अनुसार अमावस्या पर संबंध बनाने से पैदा हुई संतान को जीवनभर दुखों का सामना करना पड़ता है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप

Trending

Top
×