Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm » Akshay Tritiya 2018, Parshuram Jayanti 2018, Lord Parshuram

श्रीकृष्ण ही नहीं भगवान विष्णु का ये अवतार भी था कर्ण की मृत्यु का कारण

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 15, 2018, 07:12 PM IST

  • श्रीकृष्ण ही नहीं भगवान विष्णु का ये अवतार भी था कर्ण की मृत्यु का कारण
    +1और स्लाइड देखें

    यूटिलिटी डेस्क. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इसी दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है। इस बार ये पर्व 18 अप्रैल, बुधवार को है। इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं भगवान परशुराम से जुड़ी कुछ रोचक बातें-


    परशुराम का कर्ण को श्राप

    महाभारत के अनुसार, परशुराम भगवान विष्णु के ही अंशावतार थे। कर्ण भी उन्हीं का शिष्य था। कर्ण ने परशुराम को अपना परिचय एक ब्राह्मण पुत्र के रूप में दिया था। एक बार जब परशुराम कर्ण की गोद में सिर रखकर सो रहे थे। उसी समय कर्ण को एक भयंकर कीड़े ने काट लिया। गुरु की नींद में विघ्न न आए ये सोचकर कर्ण दर्द सहते रहे, लेकिन उन्होंने परशुराम को नींद से नहीं उठाया।
    नींद से उठने पर जब परशुराम ने ये देखा तो वे समझ गए कि कर्ण ब्राह्मण पुत्र नहीं बल्कि क्षत्रिय है। तब क्रोधित होकर परशुराम ने कर्ण को श्राप दिया कि मेरी सिखाई हुई शस्त्र विद्या की जब तुम्हें सबसे अधिक आवश्यकता होगी, उस समय तुम वह विद्या भूल जाओगे। इस प्रकार परशुरामजी के श्राप के कारण ही कर्ण की मृत्यु हुई।


    क्यों किया कार्तवीर्य अर्जुन का वध?
    एक बार महिष्मती देश का राजा कार्तवीर्य अर्जुन युद्ध जीतकर जमदग्रि मुनि के आश्रम से निकला। तब वह थोड़ा आराम करने के लिए आश्रम में ही रुक गया। उसने देखा कामधेनु ने बड़ी ही सहजता से पूरी सेना के लिए भोजन की व्यवस्था कर दी है तो वह कामधेनु के बछड़े को अपने साथ बलपूर्वक ले गया। जब यह बात परशुराम को पता चली तो उन्होंने कार्तवीर्य अर्जुन की एक हजार भुजाएं काट दी और उसका वध कर दिया।


    इसलिए किया क्षत्रियों का संहार

    कार्तवीर्य अर्जुन के वध का बदला उसके पुत्रों ने जमदग्रि मुनि का वध करके लिया। क्षत्रियों का ये नीच कर्म देखकर भगवान परशुराम बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने कार्तवीर्य अर्जुन के सभी पुत्रों का वध कर दिया। जिन-जिन क्षत्रिय राजाओं ने उनका साथ दिया, परशुराम ने उनका भी वध कर दिया। इस प्रकार भगवान परशुराम ने 21 बार धरती को क्षत्रियविहिन कर दिया।

    ये भी पढ़ें-

    बहुत खास है 18 अप्रैल की रात, धन लाभ के लिए दीपक जलाकर करें ये उपाय

    इन 5 राशियों पर है शनि की साढ़ेसाती और ढय्या, ये उपाय बचा सकते हैं बुरे असर से

  • श्रीकृष्ण ही नहीं भगवान विष्णु का ये अवतार भी था कर्ण की मृत्यु का कारण
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Akshay Tritiya 2018, Parshuram Jayanti 2018, Lord Parshuram
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Trending

Top
×