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अधिक मास में रोज करें 1 मंत्र का जाप, दूर हो सकता है बुरा समय और पैसों की समस्या

अधिक मास में रोज सुबह इस मंत्र का एक महीने तक जाप करने से पापों का नाश होता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 16, 2018, 05:00 PM IST

  • अधिक मास में रोज करें 1 मंत्र का जाप, दूर हो सकता है बुरा समय और पैसों की समस्या

    रिलिजन डेस्क। हिंदू धर्मशास्त्रों में अधिक मास को बहुत ही पूजनीय बताया गया है। उज्जैन के पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, ग्रंथों में ऐसे कई श्लोक हैं, जिनका जाप पुरुषोत्तम मास में किया जाए तो आपका बुरा समय और पैसों से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं। उन्हीं में से एक मंत्र ये भी है...

    मंत्र
    गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्।
    गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्।।


    अधिक मास में रोज सुबह इस मंत्र का एक महीने तक जाप करने से पापों का नाश होता है। साथ ही भगवान की कृपा से किसी की भी हर इच्छा पूरी हो सकती है।



    अधिक मास को क्यों कहते हैं पुरुषोत्तम मास?
    अधिक मास को पुरुषोत्तम मास क्यों कहते हैं, इसके संबंध में हमारे शास्त्रों में एक कथा का वर्णन है जो इस प्रकार है-
    सतयुग में जब पहली बार अधिक मास की उत्पत्ति हुई तो वह मंगल कामों के लिए वर्जित माना गया। निंदा से दु:खी अधिक मास भगवान विष्णु के पास पहुंचा और अपनी पीड़ा बताई। तब भगवान विष्णु अधिक मास को लेकर गोलोक गए और श्रीकृष्ण के चरणों में नतमस्तक करवाया।
    अधिक मास की बात सुनकर श्रीकृष्ण ने कहा कि अब से कोई भी अधिक मास की निंदा नहीं करेगा क्योंकि अब से मैं इसे अपना नाम देता हूं। यह जगत में पुरुषोत्तम मास के नाम से विख्यात होगा। जो भी इस मास में स्नान, दान, पूजन आदि करेगा, उसे गोलोक में स्थान प्राप्त होगा। इस प्रकार अधिक मास पुरुषोत्तम मास के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

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