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रविवार को श्रीवत्स योग में करें लक्ष्मी पूजा, सालों में एक बार आता है ये दुर्लभ मौका

अधिक मास तीन साल में एक बार आता है और इसमें भी कभी-कभी ही रवि पुष्य का योग बनता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 19, 2018, 05:00 PM IST

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    रिलिजन डेस्क। इस बार 20 मई, रविवार को पुष्य नक्षत्र होने से रवि पुष्य का शुभ योग बन रहा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, अधिक मास में रवि पुष्य का योग होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। क्योंकि अधिक मास तीन साल में एक बार आता है और इसमें भी कभी-कभी ही रवि पुष्य का योग बनता है। रविवार को पुष्य नक्षत्र होने से श्रीवत्स नाम का योग बन रहा है, जो सुख-संपत्ति व विजय प्रदान करता है।

    क्यों शुभ है पुष्य नक्षत्र?
    27 नक्षत्रों में पुष्य 8 वां नक्षत्र है। इस नक्षत्र का दिशा प्रतिनिधि शनि होने के कारण इसमें किये गए काम चिरस्थायी होते हैं। इस नक्षत्र को मन को उल्लास से भरने वाला व सुख-समृद्धि देने वाला भी माना जाता है।

    ये करें उपाय
    1. रवि-पुष्य योग में देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर की बरकत बढ़ती है। ये पूजा शाम के समय करें तो अच्छा रहता है।

    2. देवी लक्ष्मी की पूजा में चांदी का सिक्का रखें। पूजा समाप्त होने के बाद इसे अपनी तिजोरी में रखने से धन लाभ के योग बनते हैं।

    3. पुष्य नक्षत्र का दिशा प्रतिनिधि शनि होने से शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक लगाएं। इससे घर में बरकत बनी रहती है।

    4. रविवार को किसी लक्ष्मी मंदिर में जाकर कमल का फूल अर्पित करें।

    5. इस दिन दक्षिणावर्ती शंख में गाय का दूध लेकर उससे देवी लक्ष्मी का अभिषेक करना चाहिए। इससे भी फायदा हो सकता है।

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