Home» Jeevan Mantra »Poojan Vidhi And Aartiyan »Aartiyan» Md Bhagvat Puran Worship#Www.Dainikbhaskar.Com

श्रीमद्भागवत पुराण की आरती

जीवन मंत्र डेस्क | Mar 17, 2015, 16:26 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
श्रीमद्भागवत पुराण की आरती
आरती का अर्थ है पूरी श्रद्धा के साथ परमात्मा की भक्ति में डूब जाना। भगवान को प्रसन्न करना। इसमें परमात्मा में लीन होकर भक्त अपने देव की सारी बलाए स्वयं पर ले लेता है और भगवान को स्वतन्त्र होने का अहसास कराता है।
आरती को नीराजन भी कहा जाता है। नीराजन का अर्थ है विशेष रूप से प्रकाशित करना। यानी कि देव पूजन से प्राप्त होने वाली सकारात्मक शक्ति हमारे मन को प्रकाशित कर दें। व्यक्तित्व को उज्जवल कर दें। बिना मंत्र के किए गए पूजन में भी आरती कर लेने से पूर्णता आ जाती है। आरती पूरे घर को प्रकाशमान कर देती है, जिससे कई नकारात्मक शक्तियां घर से दूर हो जाती हैं। जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
श्रीमद्भागवत पुराण की आरती
आरती अतिपावन पुराण की।
धर्म भक्ति विज्ञान खान की।।
महापुराण भागवत निर्मल,
शुक मुख विगलित निगम कल्ह फल।
परमानन्द-सुधा रसमय फल,
लीला रति रस रसिनधान की।।
आरती श्री मद्भागवत पुराण की।
कलिमल मथनि त्रिताप निवारिणी,
जन्म मृत्युमय भव भयहारिणी।
सेवत सतत सकल सुखकारिणी,
सुमहैषधि हरि चरित गान की।।
आरती श्री मद्भागवत पुराण की।
विषय विलास विमोह विनाशिनी,
विमल विराग विवेक विनाशिनी।
भागवत तत्व रहस्य प्रकाशिनी,
परम ज्योति परमात्मा ज्ञान को।।
आरती श्रीमद्भागवत पुराण की।
परमहंस मुनि मन उल्लासिनी,
रसिक ह्रदय रस रास विलासिनी।
भुक्ति मुक्ति रति प्रेम सुदासिनी,
कथा अकिंचन प्रिय सुजान की।।
आरती श्रीमद्भागवत पुराण की।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप
Web Title: md bhagvat puran worship#www.dainikbhaskar.com
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      Trending Now

      पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

      दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

      * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
      Top