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जिसकी बाहों में समा जाता है इस मंदिर का खंभा, उसकी हर मुराद होती है पूरी

MYTH: इस मंदिर से जुड़ी है अनोखी मान्यता, यहां हर मन्नत होती है पूरी

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 16, 2018, 05:00 PM IST

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    छत्तीसगढ़ के बस्तर में देवी का एक आनोखा मंदिर है, जिसे दंतेश्वरी माता मंदिर कहा जाता है। मंदिर का निर्माण 14वीं सदी में चालुक्य राजाओं ने दक्षिण भारतीय वास्तुकला से बनावाया था। कहते हैं कि यहां पर देवी सती के दांत गिरे थे।

    देवी का शक्तीपीठ होने के साथ-साथ इस जगह की एक और खासियत है। इस मंदिर परिसर में एक खंभा है, जिसे लेकर कहा जाता है कि जिस किसी भक्त के हाथों में वो खंभा समा जाता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।

    स्तंभ बाहों में समाने पर मन्नत पूरी होने की मान्यता

    मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने एक गरूड़ स्तंभ है। जिसे श्रद्धालु पीठ की ओर से बांहों में भरने की कोशिश करते हैं। मान्यता है कि जिसकी बांहों में स्तंभ समा जाता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।

    यहां गिरे थे देवी सती के दांत

    दंतेवाड़ा देवी दंतेश्वरी को समर्पित है। देश के 52 शक्तिपीठों में से एक यह भी है। यह स्थानीय लोगों की आराध्य देवी है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, देवी सती के दांत यहां गिरने से इसका नाम दंतेश्वरी शक्तिपीठ पड़ा।

    ऐसी हुई थी मंदिर की स्थापना

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, काकतीय वंश के राजा अन्न्म देव और बस्तर राज परिवार की यह कुल देवी है। कहते हैं जब अन्न्म देव नाम के राजा देवी के दर्शन करने यहां आए तब देवी दंतेश्वरी ने उन्हें दर्शन देकर वरदान दिया था कि जहां तक वह जाएगा, वहां तक देवी उसके साथ चलेगी और उसका राज्य होगा। साथ ही देवी ने राजा से पीछे मुड़कर न देखने की शर्त रखी।

    राजा कई दिनों तक बस्तर क्षेत्र में चलता रहा और देवी उसके पीछे जाती रही। जब शंकनी-डंकनी नदी के पास पहुंचे तो नदी पार करते समय राजा को देवी के पायल की आवाज सुनाई नहीं दी। तब राजा पीछे मुड़कर देखा और देवी वहीं ठहर गई। इसके बाद राजा ने वहां मंदिर निर्माण कर नियमित पूजा-आराधना करने लगा।

    ऐसी है यहां की मूर्ति

    यहां देवी की षष्टभुजी कालें रंग की मूर्ति स्थापित है। छह भुजाओं में देवी ने दाएं हाथ में शंख, खड्ग, त्रिशूल और बांए हाथ में घटी, पद्घ और राक्षस के बाल धारण किए हुए हैं। मंदिर में देवी के चरण चिन्ह भी मौजूद हैं।

    आगे देखें मंदिर की कुछ तस्वीरें...

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Web Title: Story And History Of Danteshwari Temple In Hindi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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