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मान्यता- अगर पति-पत्नी एक साथ करते हैं इस मंदिर में पूजा तो मिलता है संतान सुख

काशी में शिवजी का ज्योतिर्लिंग विश्वनाथ स्थित है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 05, 2018, 05:15 PM IST

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    यूटिलिटी डेस्क. भारत में कई मंदिर ऐसे हैं, जिनके लिए मान्यता प्रचलित है कि इन मंदिरों से भक्त खाली नहीं लौटते हैं। भक्तों की जो भी मनोकामनाएं हैं, भगवान पूरी करते हैं। ऐसा ही एक मंदिर काशी यानी वाराणसी में है। ये मंदिर है संतानेश्वर महादेव। इस मंदिर का खास बात ये है कि यहां संतान की चाह में पति-पत्नी पहुंचते हैं। जो भी पति-पत्नी सच्ची श्रद्धा के साथ इस मंदिर में पूजा-पाठ करते हैं, उनके लिए जल्दी संतान प्राप्ति के योग बन सकते हैं। ऐसी यहां मान्यता है। जानिए काशी के इस मंदिर की खास बातें...

    हर सोमवार होते हैं यहां खास रुद्राभिषेक

    हर रोज बड़ी संख्या में शिवजी के भक्त संतानेश्वर महादेव के दर्शन करने पहुंचते हैं। खासतौर पर सोमवार को इस मंदिर में संतान के इच्छुक पति-पत्नी पहुंचते हैं। यहां माना जाता है कि अगर किसी महिला का गर्भ नहीं ठहरता हो, गर्भपात के कारण मां बनने की संभावनाएं कम हो गई हों या किसी अन्य कारण से संतान का सुख नहीं मिल पा रहा हो तो यहां रुद्राभिषेक करवाने और रोज दर्शन करने से ये परेशानियां दूर हो सकती हैं।

    काशी की खास बातें

    काशी को वाराणसी भी कहा जाता है। इसे संसार के सबसे पुरानी नगरों में माना जाता है। ये शहर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है। काशी के बारे में स्कन्द पुराण में काशीखण्ड नाम का एक अध्याय है। इस नगर के बारह नाम बताए गए हैं। ये नाम हैं काशी, वाराणसी, अविमुक्त क्षेत्र, आनन्दकानन, महाश्मशान, रुद्रावास, काशिका, तप:स्थली, मुक्तिभूमि, शिवपुरी, त्रिपुरारी राजनगरी और विश्वनाथनगरी हैं।

    काशी से जुड़ी मान्यताएं

    काशी विश्वनाथ शिवजी के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्‍नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां प्रचलित मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में आदि शंकराचार्य, संत एकनाथ रामकृष्ण परमहंस, स्‍वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद, गोस्‍वामी तुलसीदास आए थे।

    कैसे पहुंचें वाराणसी

    वाराणसी प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यहां पहुंचने के लिए नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, जयपुर आदि सभी बड़े शहरों से वायु, सड़क और रेल मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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Web Title: संतानेश्वर महादेव, काशी, Santaneshwar Mahadev, Kashi Travlling Trip In Hindi
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