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250 टन का ये रहस्यमयी पत्थर बिना सपोर्ट के आखिरी कैसे टिका है ढलान पर, 1200 साल पुराना है ये राज

महाबलिपुरम का ये पत्थर करीब 20 फीट ऊंचा है और करीब 15 फीट इसकी चौड़ाई है।

यूटिलिटी डेस्क | Last Modified - Mar 06, 2018, 07:47 PM IST

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    दक्षिण भारत में एक शहर है महाबलिपुरम। इसे मामल्लपुरम भी कहा जाता है और ये तमिलनाडु राज्य का ऐतिहासिक नगर है। महाबलिपुरम में कई बहुत पुरानी जगहें हैं, जो कि दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। महाबलिपुरम के स्मारकों को यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में शामिल किया गया है। यहां एक बहुत बड़ा और प्राचीन पत्थर है, जो कि किसी आश्चर्य से कम नहीं है। इस संबंध में यहां मान्यता प्रचलित है कि ये करीब 1200 साल पुराना है। इसे श्रीकृष्ण के माखन की गेंद भी कहा जाता है। यहां जानिए महाबलिपुरम के इस अद्भुत पत्थर से जुड़ी खास बातें…

    क्यों खास है ये पत्थर

    महाबलिपुरम का ये पत्थर करीब 20 फीट ऊंचा है और करीब 15 फीट इसकी चौड़ाई है। पत्थर एक ढलान पर करीब 4 फीट के आधार पर स्थिर टिका हुआ है, हिलता भी नहीं है और रुड़कता भी नहीं है। पत्थर का वजन करीब 250 टन है। इतना विशाल पत्थर होने के बाद भी ये पत्थर एक ढलान पर सैकड़ों वर्षों से टिका हुआ है। यहां आने वाले लोग पत्थर को देखकर हैरान हो जाते हैं।

    क्यों कहते हैं श्रीकृष्ण के माखन की गेंद

    यहां एक मान्यता प्रचलित है कि महाभारत काल में श्रीकृष्ण ने बाल अवस्था में यहां थोड़ा सा माखन गिरा दिया था, ये वही माखन है जो अब पत्थर बन चुका है। इसी वजह से इसे श्रीकृष्ण के माखन की गेंद कहा जाता है।

    रहस्यमयी है ये पत्थर

    ये पत्थर किसी इंसान द्वारा खड़ा किया गया है या प्रकृति के द्वारा, इस सवाल का सटीक जवाब आज तक किसी के पास नहीं है। पत्थर का रहस्य अभी भी बना हुआ है।

    महाबलिपुरम की खास बातें

    - 7वीं शताब्दी में पल्लव वंश के शासनकाल में महाबलीपुरम में कई स्मारक बनाए गए थे। आज ये सभी स्मारक पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

    - महाबलिपुरम के स्मारकों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। ये श्रेणियां हैं रथ मंडप, गुफा मंदिर, संरचनात्मक मंदिर और रॉक। स्मारकों के इस समूह को महाबलिपुरम के स्मारक कहा जाता है। यहां प्राचीन वास्तुकला देखी जा सकती है।

    - महाबलिपुरम कांचीपुरम जिले में बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर स्थित है। यह चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर है।

    कैसे पहुंचे यहां

    - अगर आप यहां वायु मार्ग से पहुंचना चाहते हैं तो सबसे पहले चेन्नई पहुंचना होगा। चेन्नई से महाबलिपुरम के लिए प्राइवेट कार या बस से पहुंच सकते हैं। चेन्नई पहुंचने के लिए भारत के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट्स आसानी से मिल जाती हैं।

    - रेल मार्ग से पहुंचने के लिए चेन्गलपट्टू पहुंचना होगा। ये महाबलिपुरम का निकटतम रेलवे स्टेशन है जो कि करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चेन्नई और दक्षिण भारत के अनेक शहरों से यहां आने के लिए कई रेलगाड़ियां मिल जाती हैं।

    - महाबलिपुरम तमिलनाड़ु के सभी प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा है। राज्य परिवहन निगम की कई बसें चलती हैं, जिनसे महाबलिपुरम पहुंचा जा सकता है।

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Web Title: Krishnas Butterball In Mahabali Puram, Krishnas Butter Ball, Mahabalipuram
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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