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आज भी धरती पर मौजूद है पांडवों की ये खास निशानी, महादेव से है गहरा संबंध

ऐसे 8 शिवलिंग पांडवों ने की थी जिनकी स्थापन, आज भी हैं मौजूद

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 07, 2018, 05:00 PM IST

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    महाभारत काल को बीते आज हजारों साल हो गए हैं, लेकिन आज भी उस समय से संबंधित कई जगहें मौजूद हैं। महाभारत में ऐसे कई मंदिर और शिवलिंगों का वर्णन मिलता है, जिनकी स्थापना खुद पांडवों ने की थी। जिनमें से कई शिवलिंग आज भी हैं। जानिए ऐसे ही 8 शिवलिंगों के बारे में, जिनका जिनकी स्थापना खुद पांडवों ने की थी, वे आज कहां स्थापित हैं।

    1. गंगेश्वर महादेव (दमन-दीव)

    गंगेश्वर महादेव मंद‌िर दीव के लगभग तीन क‌िलोमीटर की दूरी पर है। इस मंद‌िर में पांच श‌िवल‌िंग एक साथ स्‍थाप‌ित हैं। मान्यता है क‌ि वनवास और अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां इन शिवलिगों की स्थापना की थी।

    2. पड़िला महादेव (इलाहाबाद)

    इसे पांडश्वेर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इलाहाबाद प्रतापगढ़ के बीच स्‍थ‌ित इस श‌िवल‌िंग के बारे में कहते हैं क‌ि पाटल‌िपुत्र की यात्रा के दौरान पाडव यहां आए थे और ऋष‌ि भारद्वाज के कहने पर श‌िवल‌िंग की स्‍थापना की थी।

    3. भयहरण महादेव (उत्तरप्रदेश)

    मान्यता है क‌ि अज्ञातवाश के दौरान पांडवों ने इस श‌िवल‌िंग की स्‍थापना की थी। मन की उलझन और भय को दूर करने के लिए आज भी कई श्रद्धालु यहां आते हैं।

    4. ममलेश्वर महादेव (हिमाचल प्रदेश)

    मान्यता है क‌ि इस शिवलिंग की स्‍थापना भी पांडवों ने अज्ञातवाश के दौरान ही की थी। यहां 200 ग्राम वजन का गेहूं का दाना भी रखा हुआ है, ज‌िसे पांडव कालीन माना जाता है।

    5. लाखामंडल (उत्तराखंड)

    यहां लाखों की संख्या में श‌िवल‌िंग म‌िलते हैं। मान्यता है क‌ि लाक्षागृह से बच निकलने के बाद पांडवों बहुत समय तक यहां रुके थे। इसी दौरान यहां के श‌िवल‌िंगों की स्‍थाप‌ित की गई थी।

    6. लोधेश्वर महादेव (उत्तरप्रदेश)

    यह शिवलिंग उत्तरप्रदेश में बाराबंकी के रामनगर तहसील में स्‍थ‌ित है। कहते हैं वनवास के दौरान पांडवों ने यहां पर महर्ष‌ि वेदव्यास की आज्ञा से यज्ञ क‌िया था और उसी दौरान इस श‌िवल‌िंग की स्‍थापना की थी।

    7. स्थानेश्वर शिवलिंग (हरियाणा)

    कुरुक्षेत्र में स्‍थ‌ित स्‍थानेश्वर श‌िवल‌िंग को लेकर माना जाता है क‌ि महाभारत युद्ध शुरु होने से पहले अर्जुन और श्री कृष्‍ण ने इस शिवलिंग की स्थापना कर भोलेनाथ की पूजा की थी।

    8. कालीनाथ महाकालेश्वर शिवलिंग (हिमाचल प्रदेश)

    ह‌िमाचल के कांगड़ा घाटी के परागपुर गांव में श्री कालीनाथ महाकालेश्वर श‌िवल‌िंग है। कहते हैं क‌ि लाक्षागृह से जीव‌ित बचने के बाद पांडवों ने भगवन श‌िव की पूजा की थी।

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