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जयपुर जाएं तो जरूर देखें ये 6 मंदिर, महत्व से लेकर सुंदरता तक दिखेगा सब कुछ

जयपुर की तरह ही सुंदर है यहां के ये 6 मंदिर, जानिए सभी की खासियत

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 27, 2018, 06:25 PM IST

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    जयपुर भारत के सबसे सुंदर शहरों में से एक है। पिंक सिटी के नाम से जाना जाने वाला यह शहर अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं बल्कि यहां के मंदिरों के लिए भी मशहूर है। आज हम अपको बताने जा रहे हैं, जयपुर के ऐसे ही 6 मंदिरों के बारे में-

    1. लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिरला मंदिर)

    बिरला परिवार ने देशभर में भगवान लक्ष्मीनारायण के कई मंदिरों का निर्माण करवाया है। उन्हीं में से एक है- जयपुर का लक्ष्मीनारायण मंदिर। इस मंदिर का निर्माण 1988 में बिरला ग्रुप ऑफ़ इंडस्ट्रीज द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर जयपुर के जेडीए सर्किल में बना हुई है और जयपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। विशाल परिसर में बना संगमरमर का यह मंदिर बहुत ही सुंदर और मनमोहक है। यह मंदिर मुख्य रूप से दक्षिण शैली में बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान लक्ष्मीनारायण की बहुत ही सुंदर मूर्ति स्थापित है।

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    2. गलताजी मंदिर व कुण्ड

    जयपुर से लगभग 10 कि.मी. दूरी पर अरावली पहाड़ियों में गलता नाम का मंदिर और कुंड है। यह जगह सात कुण्डों और अनेक मंदिरों के साथ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पहचाना जाता है। माना जाता है कि गलता तीर्थ ऋषि गालव की तपोस्थली थी। यहां गालव नाम के ऋषि ने कई वर्षों तक तप किया था। यहां के मुख्य मंदिर को गलता जी का मंदिर कहा जाता है। यहां बालाजी तथा सूर्य भगवान का मंदिर भी है। गलता जी मंदिर प्रागण में बहुत से बंदर रहते हैं। यहां बने एक मंदिर को बंदर वाला मंदिर कहते हैं। मंदिर परिसर में प्राकृतिक पानी के 7 कुण्ड हैं, जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं।

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    3. घाट के बालाजी

    जयपुर-आगरा रोड से लगभग 8 किमी की दूरी पर भगवान हनुमान का एक मंदिर है, जिसे घाट के बालाजी के नाम से जाना जाता है। घाट के बालाजी के साथ-साथ इसे जामडोली के बालाजी के नाम से भी जाना जाता है। लगभग पांच सौ साल पुराना यह मंदिर हवेली की तरह दिखाई देता है। मंदिर में हनुमानजी की विशाल मूर्ति है, इसके अलावा मंदिर परिसर में पंचगणेश और शिव-पंचायत नाम के मंदिर भी भी हैं। सुंदर होने के साथ-साथ यह जयपुर के खास तीर्थ स्थलों में से एक है।

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    4. गोविन्द देव जी

    यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और देवी राधा को समर्पित है। गोविन्द देव जी मंदिर सिटी पैलेस प्रांगण में है। इस मंदिर में स्थापित भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति महाराजा सवाई जयसिंह वृन्दावन से ले कर आए थे। ऐसा माना है की इस मूर्ति का निर्माण श्रीकृष्ण के पोते के पोते ने किया था। उसने अपने दादी से पूछा कि श्रीकृष्ण कैसे दिखते हैं, जैसा विवरण उसकी दादी ने बताया उस के अनुसार उसने ये मूर्ति बनाईं। लोक गाथाओं के अनुसार यह मूर्ति बिलकुल वैसी ही दिखती है, जिस रूप में भगवान ने धरती पर अवतार लिया था।

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    5. खोले के हनुमान

    शहर की पूर्वी अरावली पहाडियों में नेशनल हाईवे-8 से लगभग 5 कि.मी. अंदर की ओर विशाल क्षेत्र में फैला भव्य दो मंजिला मंदिर खोले के हनुमान जी वर्तमान में जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। वर्ष 1960 में पंडित राधेलाल चौबे ने इस जगह पर भगवान हनुमान की लेटी हुई विशाल प्रतिमा की खोज की थी। यहां पहाडियों में एक खोला यानी बरसाती नाला बहता था। इसलिए, इस स्थान का खोले के हनुमाजी नाम से जाना गया। मंदिर में भगवान हनुमान के अलावा भगवान श्रीराम, माता गायत्री, भगवान गणेश और भगवान शिव आदि के मंदिर भी शामिल हैं।

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    6. मोती डूंगरी गणेश मंदिर

    मोती डूंगरी गणेश मंदिर जयपुर का प्राचीन मंदिर है। ऐसा माना जाता है की इस मंदिर में स्थापित मूर्ति 18वीं सदी में मेवाड़ के तत्कालीन राजा द्वारा यहां लाई गयी थी। जय राम पालीवाल नामक एक सेठ ने मंदिर का निर्माण करवाया था। यहां गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर का चोला चढ़ाया जाता है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को आने वाला गणेश चतुर्थी का त्योहार यहां बहुत ही हर्ष व उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिर में हर बुधवार को नए वाहनों की पूजा कराने के लिए भक्तों की भीड़ लगती है। माना जाता है कि नए वाहन की पूजा मोती डूंगरी गणेश मंदिर में की जाए तो वाहन शुभ होता है।

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Web Title: 6 Most Beautiful Temples Of Jaipur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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