Home » Jeevan Mantra »Self Help » Tips Of Family Management.

परिवार को रखना है एकजुट तो हमेशा ध्यान रखें ये 3 बातें

वर्तमान समय में परिवार में सामंजस्य बैठा पाना सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि कहीं पिता-पुत्र में नहीं बनती तो कहीं भाई-भाई

यूटिलिटी डेस्क | Last Modified - Mar 13, 2018, 07:48 PM IST

  • परिवार को रखना है एकजुट तो हमेशा ध्यान रखें ये 3 बातें, religion hindi news, rashifal news

    वर्तमान समय में परिवार में सामंजस्य बैठा पाना सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि कहीं पिता-पुत्र में नहीं बनती तो कहीं भाई-भाई की बात नहीं सुनता। सास-बहू के बीच अच्छे रिश्ते की बात की सोची भी नहीं जा सकती। परिवार के सदस्यों के सामंजस्य न बैठ पाने के कई कारण हो सकते हैं जैसे- एक-दूसरे से सोच न मिलना, परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर मनमुटाव, जनरेशन गेप आदि।
    ऐसे मामलों में अंतत: एक परिवार अनेक परिवारों में बंट जाता है। इसका असर आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है। बच्चे संयुक्त परिवार के प्यार से वंचित रह जाते हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यदि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो परिवार में सामंजस्य बनाया जा सकता है। ये सूत्र इस प्रकार हैं-

    1. परिवार का मुखिया निभाएं अपनी जिम्मेदारी
    घर का मुखिया सिर्फ परिवार ही नहीं चलाता है, उसके कर्मों पर ही परिवार का भविष्य टिका होता है। मुखिया का एक गलत निर्णय परिस्थितियों को पूरी तरह विपरीत कर सकता है। परिवार का मुखिया पंक्ति में खड़े पहले व्यक्ति की तरह होता है। जो जैसा खड़ा होता है, कतार में शेष लोग भी वैसे ही खड़े होते हैं। अगर आप पंक्ति में पहले खड़े हैं तो सावधान हो जाइए। परिवार चलाना भी ऐसा ही काम है।

    2. परिवार का हित सबसे पहले
    आज के समय में हर कोई सबसे पहले स्वयं के हित के बारे में सोचता है और परिवार हित के बारे में बाद में। यही सोच परिवारों में मनमुटाव बढ़ाती है। यदि आप स्वयं के हित से ऊपर परिवार हित के बारे में सोचेंगे तो परिवार के अन्य सदस्यों का नजरिया आपके प्रति सकारात्मक होगा और परिवार टूटने से बच जाएगा।

    3. परिवार के सदस्यों को हो अभिव्यक्ति का आजादी
    परिवार के सदस्यों में मनमुटाव तब भी बढ़ता है जब कुछ लोगों को अभिव्यक्ति यानी अपने विचार व्यक्त करने की आजादी न हो। देखने में आता है कि परिवार के कुछ सदस्य तो अपनी हर बात जिद करके मनवा लेते हैं, लेकिन कुछ सदस्य अपने बात तक ठीक से नहीं रख पाते। ऐसी स्थिति आगे जाकर किसी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए परिवार के हर सदस्य को अभिव्यक्ति की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×