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हनुमानजी ने माता सीता को कभी देखा नहीं था तो लंका में खोजा कैसे? जानिए रोचक बातें

श्रीरामचरित मानस में कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनसे हम सुखी और सफल जीवन के सूत्र सीख सकते हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 04, 2018, 06:00 PM IST

  • हनुमानजी ने माता सीता को कभी देखा नहीं था तो लंका में खोजा कैसे? जानिए रोचक बातें, religion hindi news, rashifal news

    यूटिलिटी डेस्क. वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस, दोनों रामकथाओं में बहुत स्थानों पर अंतर मिलता है। कथानक कुछ भी हो लेकिन दोनों ही में जीवन के उच्च आदर्शों के उदाहरण मिलते हैं। वाल्मीकि रामायण के सुंदर कांड में एक बहुत प्रेरक प्रसंग है। हनुमान लंका में सीता को खोज रहे हैं। रावण सहित सभी लंकावासियों के भवनों, अन्य राजकीय भवनों और लंका की गलियों, रास्तों पर सीता को खोज लेने के बाद भी जब हनुमान को कोई सफलता नहीं मिली तो वे थोड़े हताश हो गए। जीवन प्रबंधन गुरु पं. विजयशंकर मेहता के अनुसार जब हमें सफलता नहीं मिलती है तो हम भी हताश हो जाते हैं, ऐसे में हनुमानजी हम ये बात सीख सकते हैं कि सफल होने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए…

    माता सीता को कभी देखा नहीं था हनुमानजी ने
    हनुमानजी ने सीता को कभी देखा भी नहीं था, लेकिन वे सीता के गुणों को जानते थे। वैसे गुण वाली कोई स्त्री उन्हें लंका में नहीं दिखाई दी। अपनी असफलता ने उनमें खीज भर दी। वे कई तरह की बातें सोचने लगे। उनके मन में विचार आया कि अगर खाली हाथ लौट जाऊंगा तो वानरों के प्राण तो संकट में पड़ेंगे ही।

    प्रभु राम भी सीता के वियोग में प्राण त्याग देंगे, उनके साथ लक्ष्मण और भरत भी। बिना अपने स्वामियों के अयोध्यावासी भी जी नहीं पाएंगे। बहुत से प्राणों पर संकट छा जाएगा। क्यों ना एक बार फिर से खोज शुरू की जाए।

    एक बार फिर शुरू की माता सीता की खोज

    ये विचार मन में आते ही हनुमान फिर ऊर्जा से भर गए। उन्होंने अब तक कि अपनी लंका यात्रा की मन ही मन समीक्षा की और फिर नई योजना के साथ खोज शुरू की। हनुमान ने सोचा अभी तक ऐसे स्थानों पर सीता को ढूंढ़ा है जहां राक्षस निवास करते हैं। अब ऐसी जगह खोजना चाहिए जो वीरान हो या जहां आम राक्षसों का प्रवेश वर्जित हो।

    ये विचार आते ही उन्होंने सारे राजकीय उद्यानों और राजमहल के आसपास सीता की खोज शुरू कर दी। अंत में सफलता मिली और हनुमान ने सीता को अशोक वाटिका में खोज लिया। हनुमान के एक विचार ने उनकी असफलता को सफलता में बदल दिया।

    अक्सर हमारे साथ भी ऐसा होता है। किसी भी काम की शुरुआत में थोड़ी सी असफलता हमें विचलित कर देती है। हम शुरुआती हार को ही स्थायी मानकर बैठ जाते हैं। फिर से कोशिश ना करने की आदत न सिर्फ अशांति पैदा करती है बल्कि हमारी प्रतिभा को भी खत्म करती है।

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Web Title: How To Get Success, Tips For Success, Unknown Facts About Ramayana, Hanumna
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