Home » Jeevan Mantra »Jyotish »Rashi Aur Nidaan » Kundli Reading About Woman Problems In Hindi

इन कारणों से हो सकती है गर्भपात और कमजोरी जैसी समस्या

ये हैं गर्भपात और स्त्रियों से जुड़ी अन्य बीमारियों के योग

जीवन मंत्र डेस्क | Last Modified - Nov 13, 2017, 05:00 PM IST

  • इन कारणों से हो सकती है गर्भपात और कमजोरी जैसी समस्या, religion hindi news, rashifal news
    +1और स्लाइड देखें
    स्त्रियों की कुंडली में कमजोर या अशुभ चंद्रमा, लग्न भाव, लग्नेश और लग्न के कारक ग्रह के अशुभ होने से कई बीमारियों के योग बनते हैं। गर्भपात, हिस्टिरिया, तनाव, शारीरिक कमजोरी, ल्यूकोरिया आदि रोग ग्रहों के अशुभ होने से होते हैं। यहां जानिए किन योगों के कारण ये बीमारियां होती हैं...
    1.यदि चंद्रमा क्रूर और पाप ग्रहों जैसे शनि, मंगल, राहु या केतु से पीड़ित हो रहा हो तो स्त्री को पीरियड्स संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
    2. यदि चंद्रमा पर पाप एवं क्रूर ग्रहों की दृष्टि हो, मंगल और शनि की युति हो या एक-दूसरे पर दृष्टि हो, षष्ठम भाव कमजोर हो तो स्त्रियों को ये बीमारियां हो सकती हैं।
    3. चंद्रमा स्त्री का प्रतिनिधि ग्रह है। यदि चंद्रमा पाप ग्रह के प्रभाव में हो या बलहीन हो या द्वादश, अष्टम अथवा छठे भाव में हो तो स्त्री पर नकारात्मकता हावी रहती है।
    - एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी
    drathi1124@gmail.com
  • इन कारणों से हो सकती है गर्भपात और कमजोरी जैसी समस्या, religion hindi news, rashifal news
    +1और स्लाइड देखें
    4.कमजोर या पीड़ित चंद्र के कारण मानसिक तनाव बना रहता है।
    5.यदि स्त्री की कुंडली में शनि और मंगल का योग हो और उन पर क्रूर ग्रहों की दृष्टि भी पड़ रही हो तो इस योग से रक्त संबंधी गंभीर बीमारी हो सकती है।
    6.स्त्री की कुंडली में पंचम भाव पर पाप और क्रूर ग्रहों की दृष्टि और ग्रहों युति पर ध्यान देना चाहिए। यदि पांचवें भाव पर सूर्य, शनि, राहु, केतु या मंगल हो तो ऐसी स्थिति में स्त्री को गर्भ धारण में समस्या हो सकती है।
    7.यदि पंचम भाव में सूर्य की युति शनि, राहु या केतु के साथ हो तो स्त्री का गर्भपात हो सकता है।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×