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हनुमान जयंती 2018: 31 मार्च को हनुमान जयंती- कम लोग ही जानते हैं पंचमुखी हनुमानजी का ये रहस्य

कलियुग में हनुमानजी सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता माने गए हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 31, 2018, 11:16 AM IST

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    यूटिलिटी डेस्क.शनिवार, 31 मार्च को हनुमान जयंती है। गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्री हनुमान अंक के अनुसार प्राचीन समय में चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि पर हनुमानजी का जन्म हुआ था। इस तिथि पर हनुमानजी के लिए विशेष पूजा की जाती है, इनके मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। बजरंग बली के अलग-अलग स्वरूप बताए गए हैं। इन स्वरूपों में पंचमुखी हनुमान भी शामिल है। इस स्वरूप की पूजा करने से किसी भी व्यक्ति की किस्मत चमक सकती है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. दयानंद शास्त्री के अनुसार पंचमुखी हनुमान से जुड़ी खास बातें...

    ये है पंचमुखी हनुमान का रहस्य

    पं. शास्त्री के अनुसार पंचमुखी हनुमान कैसे प्रकट हुए, इस संबंध में एक कथा प्रचलित है। इस कथा के अनुसार जब श्रीराम और रावण के बीच युद्ध चल रहा था, तब रावण ने अपनी सेना का बल बढ़ाने के लिए मायावी भाई अहिरावन को बुलाया। अहिरावन मां भवानी का परम भक्त था और तंत्र-मंत्र का का ज्ञाता था। उसने अपनी माया से श्रीराम की सेना को निद्रा में डाल दिया। इसके बाद वह श्रीराम के साथ ही लक्ष्मण का अपरहण करके पाताल लोक ले गया।

    जब अहिरावन की माया का असर खत्म हुआ तब विभीषण ये समझ गया कि ये काम अहिरावन का है। विभीषण ने हनुमानजी को श्रीराम और लक्ष्मण की सहायता के लिए पाताल लोक भेज दिया। पाताल लोक पहुंचकर हनुमानजी ने देखा कि अहिरावन ने मां भवानी को प्रसन्न करने के लिए पांच दिशाओं में पांच दीपक जला रखे थे। इन दीपकों के प्रभाव से अहिरावन को हरा पाना मुश्किल था। तब हनुमानजी ने इन पांचों को दीपकों को एक साथ बुझाने के लिए पंचमुखी रूप धारण किया।

    पंचमुखी हनुमान ने पांचों दीपक एक साथ बुझा दिए, जिससे अहिरावन का बल कम हुआ और उसका वध हो गया। तभी से हनुमानजी के पंचमुखी स्वरूप की भी पूजा की जाने लगी।

    ऐसा है पंचमुखी स्वरूप

    हनुमानजी पंचमुखी स्वरूप में उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण में नरसिंह मुख, पश्चिम में गरुड़ मुख, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख और पूर्व दिशा में हनुमान मुख है।

    पंचमुखी हनुमान की पूजा से मिलते हैं ये लाभ

    - नरसिम्ह मुख की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है।

    - गरुड़ मुख की पूजा करने से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

    - सभी प्रकार की सुख-समृद्धि पाने के लिए वराह मुख की पूजा करनी चाहिए।

    - जो लोग हयग्रीव मुख की पूजा करते हैं, उन्हें ज्ञान की प्राप्ति होती है।

    - हनुमान मुख की पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।

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