Home » Jeevan Mantra »Jyotish »Rashi Aur Nidaan » Navratra Ke Upay, Devi Durga Ke Upay In Hindi, Navratra Ke Upay In Hindi, Devi Mantra

गरीबी से छुटकारा चाहते हैं तो नवरात्र में रोज करें दुर्गा सप्तशती के इन मंत्रों का जाप

देवी दुर्गा की पूजा से सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 16, 2018, 05:08 PM IST

  • गरीबी से छुटकारा चाहते हैं तो नवरात्र में रोज करें दुर्गा सप्तशती के इन मंत्रों का जाप, religion hindi news, rashifal news

    यूटिलिटी डेस्क. रविवार, 18 मार्च से चैत्र मास के नवरात्र हैं जो कि 25 मार्च तक चलेंगे। देवी मां प्रसन्न करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। अगर आप पूरी दुर्गा सप्तसती का पाठ नहीं कर सकते हैं तो इसके कुछ मंत्रों का जाप करने से भी शुभ फल मिल सकते हैं।

    दुर्गा सप्तसती के मंत्र बहुत ही चमत्कारी हैं, अगर विधि-विधान से इनका जाप किया जाए तो भक्त को देवी की कृपा मिल सकती है। ये मंत्र और मंत्र जाप की सामान्य विधि उज्जैन की एस्ट्रोलॉजर डॉ. विनिता नागर द्वारा बताई गई है।

    मंत्र जाप के लिए सावधानी

    दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का सही उच्चारण के साथ जाप करना चाहिए। यदि आप मंत्रों का उच्चारण ठीक से नहीं कर सकते तो किसी योग्य ब्राह्मण से इन मंत्रों का जाप करवाएं, अन्यथा इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। साथ ही मंत्र जाप करने वाले व्यक्ति को पवित्रता और ब्रह्मचर्य का भी ध्यान रखना चाहिए।

    ये जाप की सामान्य विधि

    1.नवरात्र में रोज सुबह जल्दी उठकर साफ वस्त्र पहनकर सबसे पहले माता दुर्गा की पूजा करें।

    2. इसके बाद घर के मंदिर में या किसी अन्य देवी मंदिर में आसन पर बैठकर मंत्रों का जाप करें।

    3. मंत्र जाप के लिए लाल चंदन के मोतियों की माला का उपयोग करना चाहिए।

    4. मंत्र जाप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए।

    ये हैं मंत्र

    1. गरीबी से मुक्ति पाने के लिए मंत्र

    दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो: स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।

    दारिद्रयदु:खभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता।।

    2. बुरी नजर से रक्षा के लिए मंत्र

    शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके।

    घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि:स्वनेन च।।

    3. परेशानियों को दूर करने के लिए मंत्र

    देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोखिलस्य।

    प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।।

    इन 3 में से किसी एक मंत्र का जाप कर सकते हैं या एक-एक करके तीनों मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×