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आप कभी अमीर होंगे या नहीं, बता देते हैं कुंडली के ये योग

ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली ये मालूम हो सकता है कि कोई व्यक्ति अमीर होगा या नहीं।

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Dec 31, 2017, 05:00 PM IST

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    कुंडली के दूसरे और ग्यारहवें भाव को धन स्थान और आय का कारक माना जाता है। साथ ही, आर्थिक स्थिति जानने के लिए चौथे और दसवें भाव का अध्ययन भी किया जाता है। यदि इन भावों के कारक ग्रह शुभ हों तो लाभ अवश्य मिलता है। यहां जानिए कुंडली के इन भावों के आधार पर लाभ-हानि की स्थिति दर्शाने वाले कुछ खास योग...

    1. ग्यारहवां भाव आय का कारक कहलाता है। इस भाव में स्थित राशि और ग्रह पर हमारी आर्थिक स्थिति निर्भर करती है। इसका स्वामी निर्बल होने पर कम आय होती है।

    2. अगर एकादश भाव शुभ राशि का है या शुभ ग्रह की इस पर नजर पड़ रही है तो आय सही और अच्छे तरीके से होती है। अगर यहां अशुभ प्रभाव हो तो आय गलत रास्ते से आती है। यहां दोनों तरह के शुभ-अशुभ ग्रह होने पर मिलाजुला प्रभाव रहता है।

    3. यदि लाभ भाव (एकादश भाव) में कई ग्रह हों या कई ग्रहों की दृष्टि हो तो आय के अनेक साधन बनते हैं।

    4. अगर आय भाव का स्वामी शुभ हो और कमजोर ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो या आय भाव का स्वामी कमजोर हो तो आय के साधन अवरुद्ध रहते हैं।

    5. आय भाव का स्वामी शुभ ग्रहों के साथ हो, शुभ स्थान में हो तो भी आय के साधन ‍अच्छे रहते हैं।

    6. शनि-मंगल के कारण बनने वाले योग व्यक्ति को साधारण धनवान बनाते हैं।

    7. सूर्य-चंद्रमा से बनने वाले योग व्यक्ति को लखपति बना देते हैं।

    8. बुध, बृहस्पति और शुक्र से बनने वाले योग व्यक्ति को अथाह धन-संपदा का लाभ करवाते हैं।
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