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अधिकतर लोग नहीं जानते शास्त्रों में लिखी हैं मकर संक्रांति से जुड़ी ये 6 बातें

मकर संक्रांति पर करेंगे ये काम तो चमक सकती है आपकी किस्मत भी

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Jan 12, 2018, 01:55 PM IST

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    इस बार रविवार को मकर संक्रांति है। ग्रंथों में उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन के समय को देवताओं की रात्रि कहा गया है। इस प्रकार मकर संक्रांति देवताओं का प्रभात काल है। यहां जानिए मकर संक्रांति से जुड़ी खास बातें...

    1.इस दिन स्नान, दान, जप, तप, श्राद्ध तथा अनुष्ठान आदि का अत्यधिक महत्व है। कहते हैं कि इस अवसर पर किया गया दान सभी दुखों को दूर कर सकता है।

    2. इस दिन सूर्य अपनी कक्षा में परिवर्तन करता है और दक्षिणायन से उत्तरायण होकर मकर राशि प्रवेश करता हैं। जब किसी राशि में सूर्य का प्रवेश होता है तो उसे संक्रमण या संक्रांति कहा जाता है।

    3. शास्त्रों के अनुसार नदी में स्नान को पुण्य बढ़ाने वाला माना जाता है, साथ ही ये काम स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक है। मकर संक्रांति पर किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए।

    4. महाभारत के अनुशासन पर्व में लिखा है कि-

    माघे मासि महादेव यो दद्यात् घृतकम्बलम्।

    स भुक्त्वा सकलान भोगान् अन्ते मोक्षं च विन्दति।।

    माघ मासे तिलान यस्तु ब्राहमणेभ्य: प्रयच्छति।

    सर्व सत्त्व समाकीर्णं नरकं स न पश्यति।।

    इस श्लोक के अनुसार मकर संक्रांति पर गंगाजल सहित शुद्ध जल से स्नान करने और भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप का पूजन करना चाहिए। पूजा में मंत्र जाप, विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इस दिन घी, तिल, कम्बल, खिचड़ी के दान का विशेष महत्व है। इसका दान करने वाले व्यक्ति को सभी देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पैसों की कमी से मुक्ति मिलती है।

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    5. मकर संक्रांति पर गंगा स्नान और गंगा तट पर दान का विशेष महत्व है। तीर्थ राज प्रयाग में मकर संक्रांति पर मेला आयोजित होता है।

    6.गोस्वामी तुलसीदासजी ने भी श्री रामचरित मानस में लिखा है-

    माघ मकर गत रवि जब होई। तीरथ पतिहिं आव सब कोइ।।

    देव दनुज किंनर नर श्रेनीं। सादर मज्जहिं सकल त्रिबेनी।।

    इन चौपाइयों के अनुसार गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर तीर्थ राज प्रयाग में मकर संक्रांति पर सभी देवी-देवता अपना स्वरूप बदल कर स्नान के लिए आते हैं। इस कारण मकर संक्रान्ति प्रयाग में स्नान करने की परंपरा है।

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Web Title: Importance Of Makar Sankranti In Hindi, Makar Sankranti Ke Upay, Benefits Of Makar Sankranti
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