Home » Jeevan Mantra »Jyotish »Rashi Aur Nidaan » Importance Of Gayatri Mantra, Benefits Of Gayatri Mantra Chanting, Mantra Jaap

सही समय पर करें इस मंत्र का जाप, चेहरे की चमक के साथ बढ़ता है सम्मोहन

गायत्री मंत्र का जाप रोज करते रहने से दस लाभ मिलते हैं।

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 08, 2018, 05:00 PM IST

  • सही समय पर करें इस मंत्र का जाप, चेहरे की चमक के साथ बढ़ता है सम्मोहन, religion hindi news, rashifal news

    मंत्र जाप एक ऐसा उपाय है, जिससे सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं। शास्त्रों में मंत्रों को बहुत शक्तिशाली और चमत्कारी बताया गया है। सबसे ज्यादा प्रभावी मंत्रों में से एक मंत्र है गायत्री मंत्र। इसके जाप से बहुत जल्दी शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

    ये हैं मंत्र जाप के लिए सही समय

    गायत्री मंत्र जाप के लिए तीन समय बताए गए हैं, जाप के समय को संध्याकाल भी कहा जाता है।

    - गायत्री मंत्र के जाप का पहला समय है सुबह का। सूर्योदय से थोड़ी देर पहले मंत्र जाप शुरू किया जाना चाहिए। जाप सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए।

    - मंत्र जाप के लिए दूसरा समय है दोपहर का। दोपहर में भी इस मंत्र का जाप किया जाता है।

    इसके बाद तीसरा समय है शाम को सूर्यास्त से कुछ देर पहले। सूर्यास्त से पहले मंत्र जाप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जाप करना चाहिए।

    - यदि संध्याकाल के अतिरिक्त गायत्री मंत्र का जाप करना हो तो मौन रहकर या मानसिक रूप से करना चाहिए। मंत्र जाप अधिक तेज आवाज में नहीं करना चाहिए।

    गायत्री मंत्र- ऊँ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।

    गायत्री मंत्र का अर्थ- सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परामात्मा के तेज का हम ध्यान करते है, परमात्मा का वह तेज हमारी बुद्धि को सद्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें।

    इस मंंत्र के जाप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना श्रेष्ठ होता है। जाप से पहले स्नान आदि कर्मों से खुद को पवित्र कर लेना चाहिए। मंत्र जाप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। घर के मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर गायत्री माता का ध्यान करते हुए मंत्र का जाप करना चाहिए।

    इस मंत्र के जाप से हमें यह दस लाभ प्राप्त होते हैं...

    1.उत्साह एवं सकारात्मकता बढ़ती है।

    2. त्वचा में चमक आती है।

    3. बुराइयों से मन दूर होता है।

    4. धर्म और सेवा कार्यों में मन लगता है।

    5. सम्मोहन बढ़ता है।

    6. आर्शाीवाद देने की शक्ति बढ़ती है।

    7. आंखों की रोशनी बढ़ती है।

    8. स्वप्र सिद्धि प्राप्त होती है।

    9. क्रोध शांत होता है।

    10. ज्ञान की वृद्धि होती है।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×