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बुधवार शाम 5 बजे से 9 बजे तक रखें सावधानी, वरना हो सकता है कुछ अशुभ

ज्योतिष के अनुसार अगर किसी की कुंडली में ग्रहण योग है तो उसे ग्रहण काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Jan 30, 2018, 05:00 PM IST

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    31 जनवरी, बुधवार को 2018 का पहला चंद्र ग्रहण हो रहा है। हिन्दी पंचांग के अनुसार इस दिन माघ मास की पूर्णिमा है। चंद्र ग्रहण का समय शाम 5 बजे के बाद से रात में 8.45 बजे के बीच रहेगा। जिस दिन ग्रहण रहता है, उस दिन ग्रहण के समय से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। 31 जनवरी की सुबह 8 बजे के बाद सूतक शुरू हो जाएगा। ध्यान रखें ग्रहण काल में कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, वरना निकट भविष्य में कुछ अशुभ हो सकता है। ग्रहण के समय पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए, यहां जानिए...

    गर्भवती स्त्रियों को बाहर नहीं निकलना चाहिए

    - चंद्र ग्रहण के समय यानी शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक गर्भवती स्त्रियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। ग्रहण काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, अन्यथा गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर हो सकता है।

    - ग्रहण काल के समय वातावरण में कई प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है जो कि गर्भवती पर और गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर डालती है।

    - आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि ग्रहण के कारण वातावरण में हानिकारक तरंगे सक्रिय हो जाती हैं, इनसे बचने के लिए गर्भवती को घर में ही रहना चाहिए।

    - शास्त्रों की मान्यता है कि ग्रहण काल में सकारात्मक शक्तियों का असर कम हो जाता है और नकारात्मक शक्तियां ज्यादा बलशाली हो जाती हैं। ऐसे में अशुभ शक्तियां कमजोर लोगों पर हावी हो जाती हैं। इस कारण दिमाग से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

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    ग्रहण के समय ये लोग भी घर में ही रहेंगे तो बेहतर होगा

    यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहण योग हो यानी कुंडली के किसी भी भाव में चंद्र और केतु या चंद्र और राहु या सूर्य और केतु या सूर्य और राहु एक साथ स्थित हैं तो ग्रहण योग बनता है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में ग्रहण योग होने पर व्यक्ति को ग्रहण काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अन्यथा ग्रहण का बुरा असर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर हो सकता है।

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    ग्रहण काल में पूजन न करें

    चंद्र ग्रहण के समय किसी भी प्रकार का पूजन नहीं करना चाहिए। इसी वजह से ग्रहण काल में सभी मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान सिर्फ मंत्रों का मानसिक जाप किया जा सकता है। मानसिक जाप यानी बिना आवाज किए धीरे-धीरे मंत्रों का उच्चारण करना। मंत्र कोई भी हो सकते हैं, जैसे- ऊँ नम: शिवाय, श्रीराम, सीताराम, ऊँ रामदूताय नम: आदि। आप चाहें तो अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

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