Home » Jeevan Mantra »Jyotish »Jyotish Nidaan» Guru-Rahu Are In Same Place Of Kundali Create Problem In Education

ये है चांडाल योग, अगर कुंडली में बन रहा है तो इस काम में आएगी परेशानी

पूरी सुविधाएं होने के बाद भी कोई कोर्स या डिग्री अधूरे रह जाते हैं या उनमें नंबर बहुत कम आते हैं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 02, 2018, 05:00 PM IST

  • ये है चांडाल योग, अगर कुंडली में बन रहा है तो इस काम में आएगी परेशानी, religion hindi news, rashifal news
    +1और स्लाइड देखें

    यूटिलिटी डेस्क. अक्सर कई बार बहुत कोशिश के बाद भी बच्चे पढ़ नहीं पाते। पूरी सुविधाएं होने के बाद भी कोई कोर्स या डिग्री अधूरे रह जाते हैं या उनमें नंबर बहुत कम आते हैं। कई बार बच्चे बुरी संगत के कारण भी पढ़ाई और कैरियर की संभावनाओं को खत्म कर लेते हैं। इसके कई कारण हैं लेकिन कुंडली में चांडाल योग इसका प्रमुख कारण होता है। इस योग के कारण बच्चा अक्सर गलत संगत या आदतों के कारण ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाता। आइए जानते हैं क्या होता है चांडाल योग...

    राहु-गुरु चांडाल योग

    ज्योतिषाचार्य पं. एन.के. आचार्य की पुस्तक ग्रह दोष और समाधान के अनुसार राहु और बृहस्पति की युति को चांडाल योग कहते हैं। बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। राहु एक राक्षस है। दोनों साथ होंगे तो गुरु ही ज्यादा प्रभावित होगा, राहु राक्षस प्रवृत्ति का है, बृहस्पति देवताओं के गुरु यानी एक सभ्य पुरुष। जब सभ्य पुरुष के साथ कोई राक्षस बैठ जाए तो परेशान वो पुरुष ही होगा। उसके सारे अच्छे कर्म भ्रष्ट हो जाएंगे, बृहस्पति ज्ञान के देवता हैं, संतों के प्रतिनिधि है, इस कारण राहु ज्ञान, धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में विघ्न डालता है।

    समुद्र मंथन में निकले अमृत को राहु ने अपनी चालाकी से देवताओं का रुप धर कर पी लिया था। जैसे ही देवताओं का ये बात पता चली, उन्होंने भगवान विष्णु को बताया और भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर काट दिया लेकिन तब तक अमृत का असर हो चुका था। सिर और धड़ अलग-अलग हो चुके थे लेकिन राहु मरा नहीं। सिर का नाम राहु और धड़ का नाम केतु पड़ गया। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि राहु अगर गुरु के साथ एक राशि में आ जाए तो इसे चांडाल योग कहते हैं। इस योग में धार्मिक गतिविधियों, धर्म गुरुओं, शिक्षा के क्षेत्र में नुकसान होता है। प्राकृतिक आपदा और हिंसा की संभावना भी रहती है।

    क्या होता है चांडाल का अर्थ

    शास्त्रों ने चांडाल शब्द का अर्थ बताया है क्रूर कर्म करने वाला, नीच कर्म करने वाला। राहु-गुरु युति को चांडाल योग इसलिए कहते हैं क्योंकि जब ज्ञान का लोप हो जाता है तो इंसान क्रूर कर्म करता है। गुरु राहु के प्रभाव में हो तो कर्म क्रूर हो जाते हैं, क्योंकि ज्ञान होने के बाद भी जो पाप करे, वो चांडाल कहलाता है। चांडाल को राक्षस से भी नीचे की श्रेणी का माना गया है। जो अज्ञान के कारण पाप या नीच कर्म करता है वो राक्षस होता है लेकिन ज्ञान का लोप करके, ज्ञानियों को पीड़ा देकर पाप करे उसे चांडाल कहा गया है।

    आगे की स्लाइड में जानिए कैसे करें चांडाल योग का समाधान...

  • ये है चांडाल योग, अगर कुंडली में बन रहा है तो इस काम में आएगी परेशानी, religion hindi news, rashifal news
    +1और स्लाइड देखें

    ऐसे करें समाधान

    • शिव जी की आराधना करें। ऊँ नमः शिवाय का जाप करें।

    • गुरु मंत्र का जाप करें। या ऊँ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का रोज 108 बार जाप करें।

    • शिवमंदिर में पीली चीजों का दान करें।

    • भैरव मंदिर में शनिवार या रविवार को नारियल चढ़ाएं।

    • भैरव मंदिर से लाकर बच्चे के सीधे हाथ की कलाई में काला धागा बांधें।

    • हनुमान चालीसा का पाठ करें।

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Guru-Rahu Are In Same Place Of Kundali Create Problem In Education
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Trending

Top
×