Home» Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm» Shivratri- Are You Know Who Is Ashwaththama.

हजारों साल से भटक रहा है शिव का ये अवतार, यहां देता है दिखाई

जीवन मंत्र डेस्क | Feb 17, 2017, 01:00 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स

फोटो- यही असीरगढ़ का वो किला है, जहां मान्यता के अनुसार अश्वत्थामा रोज पूजा करने आता है।

शिवपुराण व अन्य ग्रंथों में भगवान शिव के अनेक अवतारों का वर्णन मिलता है। शिवरात्रि (24 फरवरी, शुक्रवार) के अवसर हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे अवतार के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में ग्रंथों में लिखा है ये कि अमर है। ये अवतार है महापराक्रमी अश्वत्थामा का।
द्वापर युग में जब कौरव व पांडवों में युद्ध हुआ था, तब अश्वत्थामा ने कौरवों का साथ दिया था। अश्वत्थामा ने ही द्रौपदी के सोते हुए पुत्रों का वध किया था। महाभारत के अनुसार, अश्वत्थामा काल, क्रोध, यम व भगवान शंकर के सम्मिलित अंशावतार थे। अश्वत्थामा अत्यंत शूरवीर, प्रचंड क्रोधी स्वभाव के योद्धा थे। भगवान श्रीकृष्ण ने ही अश्वत्थामा को चिरकाल तक पृथ्वी पर भटकते रहने का श्राप दिया था।
यहां दिखाई देते हैं अश्वत्थामा
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर से 20 किलोमीटर दूर एक किला है। इसे असीरगढ़ का किला कहते हैं। इस किले में भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है। यहां के स्थानीय निवासियों का कहना है कि अश्वत्थामा प्रतिदिन इस मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने आते हैं। कुछ लोग तो यह दावा भी करते हैं कि उन्होंने अश्वत्थामा को देखा है, लेकिन इस दावे पर में कितनी सच्चाई है, इस पर संदेह है।


सबसे पहले पूजा करते हैं अश्वत्थामा

मान्यता है कि असीरगढ़ के किले में स्थित तालाब में स्नान करके अश्वत्थामा शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। आश्चर्य कि बात यह है कि पहाड़ की चोटी पर बने किले में स्थित यह तालाब बुरहानपुर की तपती गरमी में भी कभी सूखता नहीं। तालाब के थोड़ा आगे गुप्तेश्वर महादेव का मंदिर है। मंदिर चारों तरफ से खाइयों से घिरा है।
मान्यता है कि इन्हीं खाइयों में से किसी एक में गुप्त रास्ता बना हुआ है, जो खांडव वन (खंडवा जिला) से होता हुआ सीधे इस मंदिर में निकलता है। इसी रास्ते से होते हुए अश्वत्थामा मंदिर के अंदर आते हैं। स्थानीय रहवासियों का दावा है सुबह सबसे पहले अश्वत्थामा ही इस मंदिर में आकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।


कैसे पहुंचें?

असीरगढ़ किला बुरहानपुर से लगभग 20 किमी की दूरी पर उत्तर दिशा में सतपुड़ा पहाडिय़ों के शिखर पर समुद्र सतह से 750 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। बुरहानपुर खंडवा से लगभग 80 किमी दूर है। यहां से बुरहारनपुर तक जाने के लिए ट्रेन, बसें व टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं। यहां से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर है, जो करीब 180 किमी दूर है। बुरहानपुर मध्य प्रदेश के सभी बड़े शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा है।

असीरगढ़ किले के फोटो देखने और अश्वत्थामा के बारे में अधिक जानने के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें-
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप
Web Title: shivratri- are you know who is ashwaththama.
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      Trending Now

      पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

      दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

      * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
      Top