Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm» Yaksha And Yudhishthire Ke Sawal Jawab, Mahabharata Facts In Hindi

पृथ्वी से भारी क्या है? महाभारत में यक्ष ने पूछे थे ये सवाल, जानते हैं इनके जवाब

ये बात कम ही लोग जानते हैं कि युद्ध से कुछ समय पहले ही भीम और अर्जुन के साथ नकुल, सहदेव भी मर चुके थे।

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Jan 17, 2018, 09:22 AM IST

  • पृथ्वी से भारी क्या है? महाभारत में यक्ष ने पूछे थे ये सवाल, जानते हैं इनके जवाब
    +4और स्लाइड देखें

    महाभारत युद्ध पांडवों ने जीता था और इस जीत में भीम और अर्जुन की भूमिका महत्वपूर्ण थी। अर्जुन ने भीष्म आदि सभी महारथियों को हराया था। भीम ने दुर्योधन और उसके सभी भाइयों को मार दिया था। ये बात तो अधिकतर लोग जानते हैं, लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं कि युद्ध से कुछ समय पहले ही भीम और अर्जुन के साथ नकुल, सहदेव भी मर चुके थे। इन चारों भाइयों को पुर्नजीवित करवाया था युधिष्ठिर ने। महाभारत के रोचक प्रसंग में जानिए चारों पांडव कैसे मृत्यु को प्राप्त हुए और युधिष्ठिर ने किस प्रकार उन्हें पुर्नजीवित करवाया था...

    ये है पूरा प्रसंग...

    द्युत क्रीड़ा में हारने के बाद पांडवों को बारह वर्ष का वनवास और एक वर्ष का अज्ञातवास स्वीकार करना पड़ा। अज्ञातवास से पूर्व वनवास के अंतिम समय में एक दिन पांचों पांडव वन में घूमते-घूमते थक गए थे, सभी को प्यास भी लगी थी। तब युधिष्ठिर ने नकुल को वन में पानी तलाशने और पानी लेकर आने के लिए कहा। नकुल ने जल्दी ही एक तालाब खोज लिया। नकुल भी प्यास के कारण बेहाल था, इसलिए तालाब पर पहुंचते ही पानी पीने लगा। तभी वहां एक आकाशवाणी हुई कि पानी पीने से पहले तुम्हें मेरे सवालों के जवाब देना होंगे। नकुल ने इस आवाज की ओर ध्यान नहीं दिया और पानी पी लिया। पानी पीते ही नकुल वहीं गिर पड़ा और मृत्यु को प्राप्त हुआ।

    जब नकुल वापस नहीं पहुंचा चारों पांडवों के पास...

    दूसरी ओर चारों पांडव नकुल का इंतजार कर रहे थे। बहुत देर तक जब नकुल नहीं पहुंचा तो युधिष्ठिर ने सहदेव को नकुल और पानी की खोज में भेजा। सहदेव उसी सरोवर पर पहुंच गया। सहदेव भी बहुत प्यासा था तो वह पानी पीने के लिए आगे बढ़ा, तभी आवाज आई कि पानी पीने से पहले मेरे सवालों के जवाब देना होंगे। सहदेव ने भी इसे अनसुना कर दिया और पानी पी लिया। पानी पीते ही वह भी वहीं निर्जीव होकर गिर पड़ा।

    इसके बाद युधिष्ठिर ने अर्जुन को भेजा। अर्जुन के साथ भी ऐसा ही हुआ। फिर भीम को भेजा। भीम भी इसी प्रकार मृत्यु को प्राप्त हो गया। जब चारों भाई बहुत देर तक युधिष्ठिर के पास नहीं पहुंचे तो युधिष्ठिर स्वयं उन्हें खोजने के लिए निकल गए। युधिष्ठिर भी उस सरोवर तक पहुंच गए। वहां चारों भाई मृत दिखाई दिए। चारों भाइयों की मृत्यु का रहस्य युधिष्ठिर समझ नहीं पा रहे थे। उन्हें लगा कि शायद इस सरोवर का जल पीने से इनकी मृत्यु हुई है। इस रहस्य को जानने के लिए युधिष्ठिर भी सरोवर की ओर गए। पानी पीते इससे पहले ही पुन: वही आवाज आई कि पानी पीने से पहले मेरे सवालों के जवाब दो, वरना तुम भी अपने भाइयों की तरह मारे जाओगे।

    युधिष्ठिर ने पूछा कि आप कौन हैं? तब आकाशवाणी करने वाले ने बताया कि वह एक यक्ष है और इस सरोवर पर उसी का अधिकार है। यहां से पानी लेने से पहले मेरे सवालों के जवाब देना होंगे। युधिष्ठिर ने यक्ष के सभी सवालों के सही जवाब दे दिए। इससे यक्ष प्रसन्न हुआ और उसने चारों मृत पांडवों को भी पुन: जीवित कर दिया।

    यक्ष और युधिष्ठिर के बीच कौन-कौन से रोचक सवाल-जवाब हुए...

  • पृथ्वी से भारी क्या है? महाभारत में यक्ष ने पूछे थे ये सवाल, जानते हैं इनके जवाब
    +4और स्लाइड देखें
  • पृथ्वी से भारी क्या है? महाभारत में यक्ष ने पूछे थे ये सवाल, जानते हैं इनके जवाब
    +4और स्लाइड देखें
  • पृथ्वी से भारी क्या है? महाभारत में यक्ष ने पूछे थे ये सवाल, जानते हैं इनके जवाब
    +4और स्लाइड देखें
  • पृथ्वी से भारी क्या है? महाभारत में यक्ष ने पूछे थे ये सवाल, जानते हैं इनके जवाब
    +4और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Yaksha And Yudhishthire Ke Sawal Jawab, Mahabharata Facts In Hindi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Trending

Top
×