Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm » Ram Navmi On 25 March, This Is The Worship Method.

बुधादित्य योग में मनेगी राम नवमी, ये है पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

25 मार्च, रविवार को रामनवमी इस बार बुधादित्य योग के संयोग में मनेगी।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 25, 2018, 04:32 PM IST

  • बुधादित्य योग में मनेगी राम नवमी, ये है पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
    +1और स्लाइड देखें

    यूटिलिटी डेस्क. 25 मार्च, रविवार को रामनवमी इस बार बुधादित्य योग के संयोग में मनेगी। इस दिन चैत्र नवरात्रि का समापन भी होगा। इस बार अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन रहेगी। सुबह महाअष्टमी पर लोग घरों में कुल देवी का पूजन करेंगे। दोपहर में मंदिरों में भगवान राम का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। खास बात यह है कि रामनवमी पर खरीदी का सौभाग्य योग भी है जो कि हर प्रकार की खरीदी के लिए शुभ रहेगा।
    उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. अमर डिब्बावाला ने बताया कि रविवार को आद्रा नक्षत्र होने के साथ मीन राशि में सूर्य तथा बुध की युति का क्रम बनेगा। इससे बुधादित्य योग के संयोग बन रहे हैं। सूर्य और बुध का संबंध स्वर्ण, रजत, ताम्र, वस्त्र, धार्मिक पुस्तक, रजिस्ट्री और पालिसी आदि से है।
    इसलिए पर्व के दौरान इस योग में बाजार से खरीदी करना, नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी रहेगा। वहीँ 27 योग में से एक सौभाग्य योग भी इस दिन संयोग से रहेगा जो कि भाग्य की वृद्धि तथा धार्मिक अनुष्ठानों और खासकर महिलाओं के लिए बाजार से सौंदर्य की सामग्री खरीदने के लिए ही खास माना जाता है।


    इन लिंक्स पर भी क्लिक करें

    नाम के पहले अक्षर से जुड़े हैं ये खास उपाय, 25 मार्च को करें

    रावण वध ही नहीं, इन 3 कारणों से भगवान विष्णु को लेना पड़ा राम अवतार

    चैत्र नवरात्रि का समापन भी इसी दिन
    24 मार्च को सुबह 9.30 बजे अष्टमी लग जाएगी जो कि 25 मार्च को सुबह 7.30 बजे तक रहेगी। धर्म शास्त्र में सूर्योदय कालीन तिथि पूजा-पाठ के लिए दिवस पर्यन्त मान्य है। इसलिए 25 मार्च को सुबह महाअष्टमी का पूजन करना उचित रहेगा। भगवान श्रीराम का जन्म चूंकि दोपहर में 12 बजे होना बताया जाता है। इसलिए इस दिन रामनवमी पर्व को मनाते हुए भगवान राम का जन्मोत्सव मंदिरों में मनेगा।


    भगवान श्रीराम की पूजन विधि और शुभ मुहूर्त जानने के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें-

    डिजिटल आरती के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-

  • बुधादित्य योग में मनेगी राम नवमी, ये है पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
    +1और स्लाइड देखें

    राम नवमी पर इस विधि से करें पूजा

    श्रीरामनवमी की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद घर के उत्तर भाग में एक सुंदर मंडप बनाएं। उसके बीच में एक वेदी बनाएं। इसके बीच में भगवान श्रीराम व माता सीता की प्रतिमा को स्थापित करें। श्रीराम व माता सीता की पंचोपचार(गंध, चावल, फूल, धूप, दीप) से पूजन करें। इसके बाद इस मंत्र बोलें-

    मंगलार्थ महीपाल नीराजनमिदं हरे।
    संगृहाण जगन्नाथ रामचंद्र नमोस्तु ते।।
    ऊँ परिकरसहिताय श्रीसीतारामचंद्राय कर्पूरारार्तिक्यं समर्पयामि।

    इसके बाद किसी पात्र (बर्तन) में कपूर तथा घी की बत्ती (एक या पांच अथवा ग्यारह) जलाकर भगवान श्रीसीताराम की आरती उतारें व गाएं-

    आरती कीजै श्रीरघुबर की, सत चित आनंद शिव सुंदर की।।
    दशरथ-तनय कौसिला-नंदन, सुर-मुनि-रक्षक दैत्य निकंदन,
    अनुगत-भक्त भक्त-उर-चंदन, मर्यादा-पुरुषोत्तम वरकी।।
    निर्गुन सगुन, अरूप, रूपनिधि, सकल लोक-वंदित विभिन्न विधि,
    हरण शोक-भय, दायक सब सिधि, मायारहित दिव्य नर-वरकी।।
    जानकिपति सुराधिपति जगपति, अखिल लोक पालक त्रिलोक-गति,
    विश्ववंद्य अनवद्य अमित-मति, एकमात्र गति सचारचर की।।
    शरणागत-वत्सलव्रतधारी, भक्त कल्पतरु-वर असुरारी,
    नाम लेत जग पवनकारी, वानर-सखा दीन-दुख-हरकी।।

    आरती के बाद हाथ में फूल लेकर यह मंत्र बोलें-

    नमो देवाधिदेवाय रघुनाथाय शार्गिणे।
    चिन्मयानन्तरूपाय सीताया: पतये नम:।।
    ऊँ परिकरसहिताय श्रीसीतारामचंद्राय पुष्पांजलि समर्पयामि।

    इसके बाद फूल भगवान को चढ़ा दें और यह श्लोक बोलते हुए प्रदक्षिणा करें-

    यानि कानि च पापानि ज्ञाताअज्ञात कृतानि च।
    तानि सर्वाणि नश्यन्ति प्रदक्षिणा पदे पदे।।

    इसके बाद भगवान श्रीराम को प्रणाम करें और कल्याण की प्रार्थना करें।


    शुभ मुहूर्त
    सुबह 08:05 से 11:05 तक
    सुबह 11:20 से दोपहर 12:20 तक
    दोपहर 02:10 से 03:25 तक

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×