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श्रीरामचरित मानस से जानिए कामवासना, क्रोध और लोभ किस कारण पनपता है

रामायण में बताई गई बातों का ध्यान रखने से हम परेशानियों से बच सकते हैं।

यूटिलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 19, 2018, 05:00 PM IST

  • श्रीरामचरित मानस से जानिए कामवासना, क्रोध और लोभ किस कारण पनपता है

    श्रीरामचरित मानस में तीन ऐसे काम बताए गए हैं जो किसी भी व्यक्ति को बर्बाद कर सकते हैं। ये तीन काम हैं, 1. कामवासना, 2. क्रोध और 3. लोभ। यहां जानिए ये तीन काम किस प्रकार पनपते हैं, इनसे किस प्रकार बचा जा सकता है...

    अयोध्या काण्ड में श्रीराम लक्ष्मण से कहते हैं कि-

    तात तीनि अति प्रबल खल काम क्रोध अरु लोभ।

    मुनि बिग्यान धाम मन करहिं निमिष महुँ छोभ।।

    इस दोहे में श्रीराम लक्ष्मण से कहते हैं कि काम, क्रोध और लोभ- ये तीन किसी भी इंसान के लिए प्रबल शत्रु हैं। ये ही सबसे बड़ी बुराइयां हैं जो श्रेष्ठ और ज्ञान-विज्ञान के जानकार मुनियों को भी पलभर में ही बर्बाद कर सकती हैं।

    लोभ कें इच्छा दंभ बल काम कें केवल नारि।

    क्रोध कें परुष बचन बल मुनिबर कहहिं बिचारि।।

    इस दोहे में श्रीराम ने बताया है कि लोभ यानी लालच, इच्छाओं और घमंड के कारण पनपता है। काम वासना भी बहुत बड़ी बुराई है। कामदेव के लिए सिर्फ स्त्री ही सबसे शक्तिशाली शस्त्र है। इसी शस्त्र से कामदेव ने कई बार ऋषि-मुनियों की तपस्या को भी खंडित किया है। इस बुराई से बचने का सिर्फ एक ही उपाय है और वह है भगवान की भक्ति में मन लगाना। क्रोध के आवेश में व्यक्ति अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं रख पाता है और कठोर शब्दों का प्रयोग कर बैठता है। इन शब्दों से सामने वाले व्यक्ति के मन को ठेस भी पहुंचती हैं और जब क्रोध शांत होता है तो व्यक्ति स्वयं भी पछताता है। अत: क्रोध को नियंत्रित करना चाहिए।

    इन बुराइयों के संबंध में शिवजी पार्वतीजी से कहते हैं कि-

    क्रोध मनोज लोभ मद माया। छूटहिं सकल राम की दाया।।

    सो नर इंद्रजाल नहिं भूला। जा पर होइ सो नट अनुकूला।।

    शिवजी कहते हैं कि क्रोध, काम, लोभ, मद और माया- ये सभी दोष श्रीरामजी की कृपा से दूर हो सकते हैं। श्रीराम जिन लोगों पर प्रसन्न हो जाते हैं, वे इंद्रजाल यानी माया से प्रभावित नहीं होते हैं। अत: इन बुराइयों से बचने के लिए व्यक्ति को श्रीरामजी की भक्ति में ही मन लगाए रखना चाहिए। श्रीराम की भक्ति भी सभी सुखों को देने वाली है और कल्याण करने वाली है।

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