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इस मुस्लिम देश में अधिकतर लोग पूजते हैं श्रीराम को, भारत से अलग यहां प्रचलित है रामायण काकाविन

भारत की तरह ही अन्य देशों में भी श्रीराम के भक्तों की संख्या काफी अधिक है।

यूटिलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 21, 2018, 05:00 PM IST

  • इस मुस्लिम देश में अधिकतर लोग पूजते हैं श्रीराम को, भारत से अलग यहां प्रचलित है रामायण काकाविन

    जिस प्रकार भारत में रामलीला पसंद की जाती है, ठीक उसी प्रकार इंडोनेशिया में भी रामलीला होती हैं। इंडोनेशिया में मुस्लिमों की संख्या काफी अधिक है, इसकारण इसे मुस्लिम देश माना जाता है। इसके बावजूद यहां श्रीराम को मानने वाले काफी लोग हैं। इंडोनेशिया में रामायण काकाविन ग्रंथ के आधार पर रामलीला होती है। यहां की रामलीला दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां जानिए इंडोनेशिया में प्रचलित रामायण की कुछ खास बातें…

    इंडोनेशिया में रामायण काकावीन है प्रमुख ग्रंथ
    - इंडोनेशिया में रामायण काकावीन नाम का ग्रंथ प्रचलित है। ये बहुत पुराना ग्रंथ है।
    - रामायण काकावीन की रचना कावी भाषा में हुई है। यह इंडोनेशिया के जावा की प्राचीन भाषा है। काकावीन का अर्थ महाकाव्य है। कावी भाषा में कई महाकाव्यों की रचना हुई है। इनमें रामायण काकावीन प्रमुख है। रामायण काकावीन छब्बीस अध्यायों का एक विशाल ग्रंथ है।
    - रामायण काकावीन की आरंभ श्रीराम के जन्म से होता है। ग्रंथ में आगे विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण का प्रस्थान है। दशरथ के राज प्रसाद में हिंदेशिया का वाद्य यंत्र गामलान बजता है।
    - दूसरे अध्याय के आरंभ बसंत का वर्णन है। इसमें इंडोनेशायाई परिवेश के बारे में लिखा गया है। विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण की यात्रा और हिंदेशिया की प्रकृति का वर्णन है।

    - विश्वामित्र के आश्रम में दोनों राजकुमारों को युद्ध और ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा दी। ताड़का वध किया।
    - इसके बाद मिथिला गमन, धनुष तोड़ना और राम-सीता विवाह का वर्णन है।
    - इस ग्रंथ के अनुसार देवी सीता का जिस समय जन्म हुआ, उस समय पहले से ही उनके हाथ में एक धनुष था। वह भगवान शिव का धनुष था और उसी से त्रिपुर राक्षस का संहार हुआ था।
    - रामायण काकावीन ग्रंथ में परशुराम का आगमन, विवाह के बाद अयोध्या लौटने का वर्णन है। इस महाकाव्य में श्रीराम के अतिरिक्त उनके अन्य भाइयों के विवाह की चर्चा नहीं है।
    इसके बाद श्रीराम राज्यभिषेक की तैयारी, कैकेयी कोप, श्रीराम का वनवास, राजा दशरथ की मृत्यु और भरत के अयोध्या आगमन आदि घटनाओं का वर्णन है।
    - भरत श्रीराम से मिलने वन में जाते हैं। अयोध्या लौटने से पहले श्रीराम भरत को अपनी चरण पादुका देते हैं।
    - रामायण काकावीन में शूर्पणखा का प्रसंग से सीता हरण तक की घटनाएं वाल्मीकीय रामायण की तरह ही हुआ है।
    - इस रामायण के अनुसार ॠष्यसूक पर्वत पर श्रीराम की भेंट शबरी से होती है। शबरी श्रीराम को सीता की प्राप्ति के लिए सुग्रीव से मित्रता करने की सलाह देती है।
    - इसके बाद सुग्रीव मिलन और बालिवध की घटनाएं होती हैं। सीता की खोज, राम-रावण युद्ध का इस महाकाव्य में विस्तृत वर्णन हुआ है। रावण वध और विभीषण के राज्याभिषेक के बाद श्रीराम हनुमान से काले-काले बादलों को भेदकर आकाश मार्ग से अयोध्या जाने का आग्रह करते हैं। श्रीराम हनुमान से अयोध्या पहुंचकर माता कौशल्या और भरत से लंका विजय के साथ अपने आगमन का संदेश देने के लिए कहते हैं।
    - श्रीराम अयोध्या पहुंचते हैं और श्रीराम का राज्योभिषेक होता है।

    रामायण काकाविन काफी बड़ा ग्रंथ है और यहां इस ग्रंथ की कुछ ही खास बातें बताई गई हैं।

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Web Title: Indonesian Ramayana Summary, Indonesian Ramayana In Hindi, Facts Of Ramayana
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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