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ऐसे जान सकते हैं आपका बुरा समय कब दूर होगा, कब आएगा अच्छा समय

अगर आप भी चाहते है कि आपका सिक्स्थ सेंस एक्टिव हो जाए तो रोज त्राटक करें।

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Jan 05, 2018, 05:00 PM IST

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    सिक्स्थ सेंस एक मानसिक चेतना से जुड़ी प्रक्रिया है। ये वैसे तो दुनिया के लगभग हर व्यक्ति में होती है। इसी के कारण किसी भी इंसान को अपने या परिजनों के साथ होने वाली कुछ खास घटनाओं का पूर्वाभास हो जाता है यानी भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास पहले से ही हो जाता है। अक्सर बच्चों में बड़ों की तुलना में ये सेंस ज्यादा एक्टिव होता है। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, ये कम होता जाता है। कुछ ही लोगों में ये सेंस हमेशा एक्टिव रहता है। अगर आप भी चाहते है कि आपका सिक्स्थ सेंस एक्टिव रहे तो यहां बताए जा रहे तरीके अपना सकते हैं...

    इसके अलावा सूर्य या चंद्रमा त्राटक से भी ये संभव है। सूर्य त्राटक में सुबह के समय सूर्य पर ध्यान लगाया जाता है। वहीं चंद्रमा पर ध्यान टिका देना चंद्र त्राटक कहलाता है। इसके अलावा घर में मोमबत्ती या दीपक की मदद से भी त्राटक कर सकते हैं।

    ऐसे करें दीपक या मोमबत्ती की मदद से त्राटक

    किसी अंधेरे कमरे में ध्यान की मुद्रा में बैठें और अपनी आंखों की समान ऊंचाई पर दीपक या मोमबत्ती जलाकर रख लें। इसके बाद जलते हुए दीपक या मोमबत्ती की ज्योति को बिना पलक झपकाए तब तक देखते रहे, जब तक आंखें थक न जाएं या आंसू नहीं निकल आते। इसके बाद आंखें बंद कर लें और विश्राम करें। इस क्रिया को 3 से 4 बार दोहराएं। ऐसा रोज करें। लंबे समय ऐसे त्राटक करते रहने से बिना पलक झपकाए 10 या 15 मिनट के लिए दृष्टि जमने लगेगी।
    ऐसे त्राटक करते रहने से सिक्स्थ सेंस एक्टिव हो सकता है।

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    ध्यान रखें त्राटक से जुड़ी ये बातें भी

    - त्राटक का अभ्यास किसी योग्य योग शिक्षक के निर्देशन में करना चाहिए।

    - त्राटक से आंखों की रोशनी बढ़ती है। सभी विकार, थकान और सुस्ती दूर होती है।

    - यह आंखों को साफ और चमकदार बनाता है।

    - त्राटक क्रिया आध्यात्मिक शक्तियों का विकास करती है और दिमाग के विकास में लाभकारी होती है।

    - इससे बुद्धि तेज होती है और एकाग्रता बढ़ती है।

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    सबसे सरल है ये दूसरा तरीका

    सिक्स्थ सेंस एक्टिव करने का सबसे आसान तरीका मेडिटेशन है। रोजाना एक नियत समय पर मेडिटेशन करने से धीरे-धीरे सिक्स्थ सेंस एक्टिव होने लगता है। रोज ऐसा लंबे समय तक करते रहेंगे तो आपको भविष्य में घटने वाली घटनाओं का आभास पहले ही होने लगेगा।

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Web Title: Importance Of Sixth Sense, How To Active Sixth Sense In Hindi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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