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शिवरात्रि 14 को: गलती से भी शिवलिंग पर ना चढ़ाएं ये 5 चीजें, हो सकता है उल्टा असर

शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, वरना नाराज हो जाएंगे भोलेनाथ

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 03, 2018, 06:24 PM IST

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    इस साल बुधवार, 14 फरवरी 2018 को महाशिवरात्रि है। पंचांग भेद होने के कारण कुछ क्षेत्रों में 13 फरवरी ये पर्व मनाया जाएगा। शिवपुराण में कुछ ऐसी वस्तुओं का वर्णन पाया जाता है, जो भगवान शिव को कभी नहीं चढ़ानी चाहिए, साथ ही इसका कारण भी शिव पुराण में वर्णित है। इन चीजों को शिवलिंग पर अर्पित करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से भगवान शिव नाराज हो सकते हैं।

    जानिए कौन-सी हैं वे 5 चीजें, जिन्हें शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए और क्यों...

    शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ाया जाता केतकी का फूल

    एक दिन भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा के बीच खुद को अधिक ताकतवर साबित करने के लिए युद्ध हो गया। जैसे ही वे दोनों एक-दूसरे पर घातक अस्त्रों का प्रयोग करने लगे, वहां ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव प्रकट हुए।

    शिव ने उन दोनों से इस ज्योतिर्लिंग के आदि और अंत का पता लगाने को कहा। भगवान शिव ने कहा कि दोनों में से जो भी इस सवाल का जवाब दे देगा वहीं सबसे श्रेष्ठ होगा।

    भगवान विष्णु उस ज्योतिर्लिंग के अंत की ओर बढ़े लेकिन उस छोर का पता नहीं लगा पाए, वहीं ब्रह्माजी भी ऊपर की ओर बढ़े और अपने साथ केतकी के फूल को ले गए। भगवान विष्णु ने तो अपनी हार स्वीकार कर ली, लेकिन वापस आकर ब्रह्माजी भगवान शिव से कहा कि उन्होंने ज्योतिर्लिंग के अंत का पता लगा लिया है और केतकी के फूल ने इस बात की झूठी गवाही दे दी।

    इसी बात से क्रोधित होकर शिवजी ने ने केतकी के फूल को श्राप दे दिया कि शिवलिंग पर कभी केतकी के फूल को अर्पित नहीं किया जाएगा। तबसे शिव को केतकी के फूल अर्पित किया जाना अशुभ माना जाता है।

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    शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ाई जाती तुलसी

    शिवपुराण के अनुसार, असुर जालंधर की पत्नी तुलसी के पतिधर्म की वजह से उसे कोई भी देव हरा नहीं सकता था। इसलिए भगवान विष्णु ने तुलसी के पतिव्रत को खंडित करने के लिए वे जालंधर का वेष धारण कर तुलसी के पास पहुंच गए। इसी वजह से तुलसी का पतिधर्म टूट गया और भगवान शिव ने असुर जालंधर का वध कर उसे भस्म कर दिया।

    देवताओं के इस छल क्रोधित होकर तुलसी ने यह प्रण ले लिया कि उसका प्रयोग शिवजी की पूजा में कभी नहीं किया जाएगा। ऐसा करना अशुभ फलों का कारण बनेगा।

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    शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ाया जाता नारियल का पानी

    शिवलिंग पर नारियल अर्पित किया जाता है लेकिन नारियल के पानी से शिवलिंग का अभिषेक नहीं करना चाहिए। देवताओं को चढ़ाया जाने वाला प्रसाद ग्रहण करना आवश्यक होता है, लेकिन शिवलिंग का अभिषेक जिन पदार्थों से होता है उन्हें ग्रहण नहीं किया जाता। इसलिए शिव पर नारियल का जल नहीं चढ़ाना चाहिए।

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    शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ाई जाती हल्दी

    हल्दी का प्रयोग स्त्रियों की सुंदरता बढ़ाने के लिए किया जाता है और शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से शिवलिंग पर कभी भी हल्दी नहीं चढ़ाई जाती ।

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    शिवलिंग पर क्यों नहीं चढ़ाए जाते कुमकुम-सिंदूर

    सिंदूर, विवाहित स्त्रियों का गहना माना गया है। स्त्रियां अपने पति की लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना हेतु सिंदूर लगाती हैं। लेकिन भगवान शिव को तो विनाशक माना जाता है। इसी वजह से सिंदूर से उनकी सेवा करना अशुभ माना जाता है।

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