Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm Granth » Mahabharat- Know The Full Story Of Shikhandi.

कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?

शिखंडी महाभारत कथा का एक खास कैरेक्टर था। शिखंडी के बारे में अधिकांश लोग यही जानते हैं कि वह किन्नर था।

जीवन मंत्र डेस्क | Last Modified - Dec 25, 2017, 05:00 PM IST

  • कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?
    +6और स्लाइड देखें

    शिखंडी महाभारत कथा का एक खास कैरेक्टर था। शिखंडी के बारे में अधिकांश लोग यही जानते हैं कि वह किन्नर था। भीष्म पितामह की मृत्यु का मुख्य कारण भी वही था। परंतु बहुत कम लोग ही ये जानते है कि शिखंडी का जन्म एक स्त्री के रूप में ही हुआ था, बाद में वह पुरुष बना। ये बात भीष्म जानते थे, इसलिए उन्होंने शिखंडी पर वार नहीं किया।

    भीष्म पितामह ने बताया था ये रहस्य
    जब कौरवों व पांडवों में युद्ध होना निश्चित हो गया तब दुर्योधन ने भीष्म पितामह से पांडवों के प्रमुख योद्धाओं के बारे में पूछा। भीष्म पितामह ने पांडवों के प्रमुख योद्धाओं के बारे में दुर्योधन को बताया। साथ में यह भी कहा कि वे राजा द्रुपद के पुत्र शिखंडी से युद्ध नहीं करेंगे। दुर्योधन ने इसका कारण पूछा।
    तब भीष्म पितामह ने बताया कि- शिखंडी पूर्व जन्म में एक स्त्री था। साथ ही वह इस जन्म में भी लड़की के रूप में जन्मा था, लेकिन बाद में वह पुरुष बन गया। कन्या रूप में जन्म लेने के कारण मैं उसके साथ युद्ध नहीं करूंगा। शिखंडी स्त्री से पुरुष कैसे बना, यह कथा भी भीष्म पितामह ने दुर्योधन को बताई।

    ये है शिखंडी के पूर्व जन्म की कथा
    भीष्म पितामाह ने दुर्योधन को बताया कि- जिस समय हस्तिनापुर के राजा मेरे छोटे भाई विचित्रवीर्य थे। उस समय उनके विवाह के लिए मैं काशीराज की तीन बेटियों अंबा, अंबिका और अंबालिका को हर लाया था, लेकिन जब मुझे पता चला कि अंबा राजा शाल्व से प्रेम करती है तो मैंने उसे राजा शाल्व के पास भेज दिया। परंतु राजा शाल्व ने अंबा को अपनाने से इनकार कर दिया।
    अंबा को लगा कि उस पर यह विपत्ति मेरे ही कारण आई है। इसलिए उसने मुझसे बदला लेने का संकल्प लिया। परशुरामजी से मिलकर अंबा ने अपनी पूरी बात बताई। जिसे सुनकर गुरु परशुराम मेरे पास आए और उन्होंने मुझे अंबा के साथ विवाह करने के लिए कहा, लेकिन मैंने ऐसा करने से मना कर दिया।

    शिखंडी कैसे स्त्री से पुरुष बना, जानने के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें-

    तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।


  • कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?
    +6और स्लाइड देखें

    परशुराम और भीष्म में हुआ था भयंकर युद्ध
    भीष्म ने दुर्योधन को बताया कि- जब मैंने अंबा से विवाह नहीं किया तो मेरे गुरु परशुराम ने मुझसे युद्ध करने की ठान ली। गुरु परशुराम और मेरे बीच लगातार 23 दिन तक युद्ध होता रहा, लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। तब अंबा मेरे नाश के लिए तप करने के लिए वहां से चली गई। मुझसे प्रतिशोध लेने के लिए अंबा ने यमुना तट पर तपस्या करते हुए अपना शरीर त्याग दिया।

  • कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?
    +6और स्लाइड देखें

    बदला लेने के लिए अंबा ने किया था तप
    भीष्म ने दुर्योधन को बताया कि- अगले जन्म में अंबा ने पुन: लड़की के रूप में जन्म लिया। पूर्वजन्म का ज्ञान होने के कारण वह मुझसे बदला लेने के लिए फिर से तप करने लगी। प्रसन्न होकर शिवजी ने उसे दर्शन दिए और मेरी मृत्यु का कारण बनने का वरदान भी दे दिया।
    तब उस कन्या ने कहा कि- मैं एक स्त्री होकर भीष्म का वध कैसे कर सकूंगी? शिवजी ने कहा कि- तू अगले जन्म में एक स्त्री के रूप में जन्म लेगी, लेकिन युवा होने पर तू पुरुष बन जाएगी। वरदान मिलते ही उस कन्या ने एक चिता बनाई और उसमें प्रवेश कर गई।

  • कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?
    +6और स्लाइड देखें

    किस रूप में जन्म लिया अंबा ने?
    भीष्म ने दुर्योधन को बताया कि- वही अंबा इस जन्म में शिखंडी के रूप में जन्मी है। जब राजा द्रुपद की कोई संतान नहीं थी, तब उसने महादेव को प्रसन्न कर पुत्र होने का वरदान मांगा। महादेव ने उससे कहा कि- तुम्हारे यहां एक कन्या का जन्म होगा, जो बाद में पुरुष बन जाएगी। समय आने पर द्रुपद की पत्नी ने एक कन्या को जन्म दिया।
    भगवान शिव के वरदान को ध्यान में रखते हुए द्रुपद ने सभी को यही बताया कि उसके यहां पुत्र ने जन्म लिया है। युवा होने पर रानी ने राजा द्रुपद से कहा कि महादेव का वरदान कभी निष्फल नहीं हो सकता। इसलिए अब हमें किसी कन्या से इसका विवाह कर देना चाहिए। रानी की बात मानकर राजा द्रुपद ने दशार्णराज हिरण्यवर्मा की कन्या से शिखंडी का विवाह करवा दिया।

  • कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?
    +6और स्लाइड देखें

    डर कर जंगल क्यों भागी शिखंडी?
    जब हिरण्यवर्मा की पुत्री को पता चला कि मेरा विवाह एक स्त्री से हुआ है, तो उसने यह बात अपने पिता को बता दी। यह बात जानकर राजा हिरण्यवर्मा ने पांचालदेश पर आक्रमण कर दिया।
    राजा हिरण्यवर्मा व अन्य राजाओं ने निश्चय किया कि यदि शिखंडी सचमुच स्त्री हुआ तो हम राजा द्रुपद को कैद कर उसके राज्य पर अधिकार कर लेंगे और बाद में द्रुपद और शिखंडी का वध कर देंगे। राजा हिरण्यवर्मा द्वारा आक्रमण करने की बात जब स्त्री रूपी शिखंडी को पता चली तो वह बहुत घबरा गई और जंगल में भाग गई।

  • कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?
    +6और स्लाइड देखें

    जानिए शिखंडी को कैसे मिला पुरुषत्व
    जिस जंगल में शिखंडी गई थी, उसकी रक्षा स्थूणाकर्ण नाम का एक यक्ष करता था। यक्ष ने जब शिखंडी को देखा तो उससे वन में आने का कारण पूछा। तब शिखंडी ने उसे पूरी बात बता दी। पूरी बात जानकर यक्ष ने शिखंडी की सहायता करने के लिए उसे अपना पुरुषत्व दे दिया और उसका स्त्रीत्व स्वयं ले लिया।
    यक्ष ने शिखंडी से कहा कि- काम पूरा होने पर तुम पुन: मेरा पुरुषत्व मुझे लौटा देना। शिखंडी ने हां कह दिया और अपने नगर लौट आया। शिखंडी को पुरुष रूप में देखकर राजा द्रुपद बहुत प्रसन्न हुए। राजा हिरण्यवर्मा ने भी शिखंडी के पुरुष रूप की परीक्षा ली और शिखंडी को पुरुष जानकर वह बहुत प्रसन्न हुए।

  • कैसे शिखंडी बन गया स्त्री से पुरुष, क्या आप जानते हैं ये राज़ की बात?
    +6और स्लाइड देखें

    कुबेर ने क्यों दिया यक्ष को श्राप?
    एक दिन यक्षराज कुबेर घूमते-घूमते स्थूणाकर्ण के वन में पहुंचे। यहां आकर जब कुबेर को पूरी बात पता चली तो उन्होंने स्थूणाकर्ण को श्राप दिया कि अब उसे इसी स्त्री रूप में रहना होगा। स्थूणाकर्ण द्वारा क्षमा मांगने पर कुबेर ने कहा कि शिखंडी की मृत्यु के बाद तुम्हें तुम्हारा पुरुष रूप पुन: प्राप्त हो जाएगा।
    जब शिखंडी स्थूणाकर्ण को उसका पुरुषत्व लौटाने आया तो कुबेर के श्राप के बारे में सुनकर वह बहुत प्रसन्न हुआ। महाभारत युद्ध में अर्जुन ने शिखंडी को आगे खड़ा रख कर भीष्म पितामह से युद्ध किया। इस कारण भीष्म अर्जुन पर प्रहार नहीं कर पाए और अर्जुन ने उन्हें घायल कर दिया। इस तरह शिखंडी के कारण ही भीष्म की मृत्यु हुई।

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×