Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm Granth » Pandavas Of Mahabharat In Kaliyug

कलयुग में भी जन्मे थे पांडव, जानिए कहां और किसके घर लिया था जन्म

पांडवों से जुड़ी एक रोचक कहानी, जिसे बहुत ही कम लोग जानते होंगे

DainikBhaskar.com | Last Modified - Apr 09, 2018, 09:26 PM IST

कलयुग में भी जन्मे थे पांडव, जानिए कहां और किसके घर लिया था जन्म

यूटिलिटी डेस्क।यह बात लगभग हर किसी को पता ही होगी कि महाभारत युद्ध के अंत में अश्वत्थामा ने आधी रात के समय पांडवों के सभी पुत्रों का वध कर दिया था। लेकिन इनसे बाद क्या हुआ था इसका वर्णन

भविष्य पुराण में है।

भविष्यपुराण के अनुसार, आधी रात के समय अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्य यो तीनों पांडवों के शिविर के पास गए और उन्होंने मन ही मन भगवान शिव की आराधना कर उन्हें प्रसन्न कर लिया। इसपर भगवान शिव ने उन्हें पांडवों के शिविर में प्रवेश करने की आज्ञा दे दी। जिसके बाद अश्र्वत्थामा में पांडवों के शिविर में घुसकर शिवजी से प्राप्त तलवार से पांडवों सभी पुत्रों का वध कर दिया और वहां से चले गए।

जब पांडवों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इसे भगवान शिव की ही करनी समझकर उनसे युद्ध करने के लिए चले गए। जैसे ही पांडव शिवजी से युद्ध करने के लिए उनके सामने पहुंचे उनके सभी अस्त्र-शस्त्र शिवजी में समा गए और शिवजी बोले तुम सभी श्रीकृष्ण के उपासक को इसलिए इस जन्म में तुम्हे इस अपराध का फल नहीं

मिलेगा, लेकिन इसका फल तुम्हें कलियुग में फिर से जन्म लेकर भोगना पड़ेगा।


भगवान शिव की यह बात सुनकर सभी पांडव दुखी हो गए और इसी विषय में बात करने और इसका हल जानने के लिए श्रीकृष्ण के पास पहुंच गए, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें बताया कि कौन-सा पांडव कलियुग में कहां और किसके घर जन्म लेगा।


ग्राफिक्स में जानिए कौन-से पांडव ने कलयुग में कहां और किस नाम से लिया था जन्म...

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! डाउनलोड कीजिए Dainik Bhaskar का मोबाइल ऐप

Trending

Top
×