Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm Granth » Hanuman Jayanti 2018, Hanuman Worship, हनुमान जयंती पर जाने हनुमानजी की पूजा करते समय किस बातों का ध्यान रखना चाहिए

हनुमान जयंती 2018: इन 8 स्थितियों में भूलकर भी न करें हनुमानजी की पूजा, शुरू हो सकते हैं बुरे दिन

धर्म ग्रंथों के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्म हुआ था।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 31, 2018, 11:14 AM IST

  • हनुमान जयंती 2018: इन 8 स्थितियों में भूलकर भी न करें हनुमानजी की पूजा, शुरू हो सकते हैं बुरे दिन
    +2और स्लाइड देखें

    यूटिलिटी डेस्क. धर्म ग्रंथों के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन हनुमान जयंती का पर्व पूरे उत्साह के साथ पूरे देश में मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 31 मार्च, शनिवार को है। हनुमानजी की पूजा से हर समस्या का समाधान संभव है क्योंकि इन्हें ही कलयुग का जीवंत देवता माना गया है।

    हनुमानजी की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो इसका अशुभ परिणाम भी देखने को मिल सकता है। हनुमान जयंती के मौके पर उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा आपको बता रहे हैं कि किन अवस्थाओं में हनुमानजी की पूजा नहीं करनी चाहिए। निषेध अवस्थाओं में हनुमानजी की पूजा करन से इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।


    अस्वच्छ कपड़ों में

    कुछ लोग स्नान के तुरंत बाद ही टॉवेल लपेटकर या इनरवियर में हनुमानजी की पूजा कर लेते हैं। ये हनुमानजी की पूजा का गलत तरीका है। हनुमानजी की पूजा करते समय शुद्धता का पूरा ख्याल रखना चाहिए। गंदे कपड़ों में भी हनुमानजी की पूजा नहीं करनी चाहिए।

    पीरियड्स के दौरान

    महिलाएं जब रजस्वला अवस्था में हों तो उन्हें हनुमानजी सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा भी नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि उनकी छाया भी हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र पर नहीं पड़नी चाहिए। अगर ऐसा संभव न हो तो रजस्वला अवस्था के दौरान घर के मंदिर पर परदा डाल देना चाहिए।

    ये भी पढ़ें-

    पांडवों के युद्ध जीतने के बाद कब तक उनके साथ रहे हनुमान, उसके बाद क्या हुआ?

    सुबह उठते ही बोलें हनुमानजी के ये 12 नाम, जाग सकती है सोई किस्मत

    बिना स्नान किए

    हनुमानजी सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा बिना स्नान किए नहीं करना चाहिए। धर्म ग्रंथों में भी सुबह स्नान करने के बाद ही देवताओं की पूजा करने का विधान है। बिना स्नान किए हनुमानजी की प्रतिमा को स्पर्श भी नहीं करना चाहिए। इसके नकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिल सकते हैं।

    अन्य किन अवस्थाओं में हनुमानजी की पूजा नहीं करनी चाहिए, जानने के लिए आगे की स्लाइ्डस पर क्लिक करें-

  • हनुमान जयंती 2018: इन 8 स्थितियों में भूलकर भी न करें हनुमानजी की पूजा, शुरू हो सकते हैं बुरे दिन
    +2और स्लाइड देखें

    शवयात्रा से आने के बाद

    शवयात्रा से आने के बाद बिना शुद्ध हुए यानी बिना नहाए किसी भी देवी- देवता को स्पर्श नहीं करना चाहिए। यही नियम है। हनुमानजी की पूजा में भी इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।


    अशुद्ध अवस्था में

    कई लोग अशुद्ध अवस्था में भी हनुमानजी की पूजा कर लेते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। अशुद्ध अवस्था से मतलब है यदि आप दिन भर काम करने के बाद घर आए हों तो आप अशुद्ध हैं क्योंकि पूरे दिन आप जितने लोगों से मिले, उनके बारे में आप नहीं जानते। इसलिए शाम को घर आकर पहले स्नान करने के बाद ही हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए।


    खाने के बाद बिना पानी पिए

    कुछ भी खाने के बाद पानी जरूर पीना चाहिए या कुल्ला करना चाहिए। इससे मुख की शुद्धि होती है। खाने के बाद झूठे मुंह हनुमानजी सहित किसी भी देवी-देवता की पूजा करना निषेध माना गया है। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  • हनुमान जयंती 2018: इन 8 स्थितियों में भूलकर भी न करें हनुमानजी की पूजा, शुरू हो सकते हैं बुरे दिन
    +2और स्लाइड देखें

    सूतक के दौरान

    परिवार में जब किसी की मृत्यु हो जाए तो उत्तर कार्य (13 दिन तक) होने तक हनुमानजी की पूजा नहीं करनी चाहिए। इस समय को सूतक कहते हैं।

    परिवार में संतान होने पर

    परिवार में किसी के यहां संतान पैदा होने पर भी 10 दिन तक हनुमानजी व अन्य देवी-देवताओं की पूजा नहीं करनी चाहिए। इस समय के सुआ कहा जाता है।

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×