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कितनी प्रजातियों में जन्म लेने के बाद मिलता है मनुष्य जीवन, जानें 5 रोचक बातें

कितनी योनियों में भटकने के बाद मिलता है मनुष्य जन्म, ये है रोचक बातें

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 07, 2018, 05:00 PM IST

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    धर्म ग्रंथों में इस बात का विस्तार में वर्णन पाया जाता है कि कितनी योगियों में भटकने के बाद मनुष्य जन्म मिलता है, साथ ही मनुष्य जन्म में कैसे कर्म करने पर क्या होता है। आज हम आपको बताएंगे ग्रंथों की बताई गई मनुष्य जीवन से जुड़ी ऐसी ही कुछ रोचक जानकारियां..

    1. विवेक चूड़ामणि में कहा गया है कि-

    भगवान ने 84 लाख योनियों का सृजन किया है, जिसमें से 30 लाख योनियां पेड़े-पौधे, 27 लाख योनियां कीड़े-मकोड़े, 14 लाख योनियां पक्षी 9 लाख योनयां जलचर और 4 लाख योनियां पशुओं की पाई जाती है। इन सभी योनियों में भटकने के बाद अच्छे कर्मों के आधार पर ही जीव को मनुष्य योनि प्राप्त होती है।

    2. पद्मपुराण में कहा गया है कि-

    साधन धाम मोच्छ कर द्वारा ।

    पाई न जेंहि परलोक संवारा ।।

    अर्थात-

    मनुष्य योनि पाकर जो मानव अच्छे कर्म करता है, वह स्वर्ग को प्राप्त करता है, उसे ही मुक्ति मिलती है। किंतु दुष्कर्म और पाप-कृत्य करने वाले को नरक ही मिलता है।

    3. आर्चाय चाणक्य करते हैं कि-

    पुनर्वित्तं पुनर्मित पुनर्भार्या पुनर्मही ।

    एतत्सर्वं पुनर्लभ्यं न शरीरं पुन: पुन:।।

    अर्थात-

    नष्ट हुआ धन फिर प्राप्त हो सकता है, रूठा या बिछड़ा हुआ मित्र फिर मिल सकता है या दूसरा मित्र मिल जाता है, जमीन-जायदाद आदि खोकर भी फिर से पाई जा सकती है, लेकिन मनुष्य का जीवन एक बार नष्य हो जाने के बाद फिर से नहीं मिलता। इसलिए मनुष्य जीवन का उपयोग हमेशा दूसरों का परोपकार और अच्छे कर्म करने में ही लगाना चाहिए।

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    4. पद्मपुराण में कहा गया है कि-

    नरक स्वर्ग अपवर्ग नसेनी।

    ग्यान बिराग भगति सुभ देनी।।

    अर्थात-

    मनुष्य योनि नरक, स्वर्ग और मोक्ष की सीढ़ी है। यह शुभ ज्ञान, वैराग्य और भक्ति प्रदान करने वाली है

    5. रामचरित मानस में कहा गया है कि-

    बड़े भाग मानुष तन पावा ।

    सुर दुर्लभ सद् ग्रंथन गावा ।।

    अर्थात-

    बड़े सौभाग्य की बात है कि यह मनुष्य-शरीर मिला है। सभी ग्रंथों में यही कहा गया है कि यह मनुष्य देह देवताओं को भी दुर्लभ है।

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