Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm Granth » 3 Biggest Curses Of Mahabharat In Hindi

महाभारत के दौरान दिए गए थे ये 3 श्राप, आज भी देखा जा सकता है उनका असर

महाभारत के 3 सबसे चर्चित श्राप

यूटीलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 18, 2018, 05:00 PM IST

  • महाभारत के दौरान दिए गए थे ये 3 श्राप, आज भी देखा जा सकता है उनका असर
    +2और स्लाइड देखें

    महाभारत हिंदू धर्म के सबसे बड़े और रोचक ग्रंथों में से एक है। इससे जुड़े कई रहस्य और कहानियां ऐसी भी है, जिनसे आज भी लोग अनजान है। आज हम आपको महाभारत के 3 ऐसे श्रापों के बारे में बताने वाले हैं, जिनका असर आज तक धरती पर और लोगों पर देखा जा सकता है। जानिए महाभारत के 3 सबसे महत्वपूर्ण श्रापों से बारे में..

    श्राप जिसकी वजह से पृथ्वी पर हो गया कलियुग का आगमन-

    महाभारत युद्ध के बाद जब पांडवों ने स्वर्ग लोक की ओर प्रस्थान किया तो सारा राज्य अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित को सौंप दिया। राजा परीक्षित के शासन काल में सभी प्रजा सुखी थी। एक बार राजा परीक्षित वन में खेलने को गए तभी वहां उन्हें शमिक नाम के ऋषि दिखाई दिए। वह अपनी तपस्या में लीन थे, उन्होंने मौन व्रत धारण कर रखा था। परीक्षित ने कई बार कोशिश की लेकिन ऋषि का मौन न तौड सका। इसी बात से क्रोधित होकर उन्होंने ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया।

    जब यह बात ऋषि शमिप के पुत्र को पता चली तो उन्होंने राजा परिक्षित को श्राप दिया कि आज से 7 दिन बाद राजा परिक्षित की मृत्यु तक्षित सांप के डसने से हो जाएगी। राजा परिक्षित के जीवित रहते कलयुग में इतना साहस नहीं था कि वह हावी हो सके लेकिन उनकी मृत्यु के बाद कलयुग पृथ्वी पर हावी हो गया।

    आगे जाने महाभारत के 2 और ऐसे ही श्रापों के बारे में...

  • महाभारत के दौरान दिए गए थे ये 3 श्राप, आज भी देखा जा सकता है उनका असर
    +2और स्लाइड देखें

    श्राप जिसकी वजह से महिलाएं नहीं छुपा पाती कोई भी रहस्य

    महाभारत के अनुसार जब युद्ध समाप्त हुआ तो माता कुंती ने पांडवों के पास जाकर उन्हें यह रहस्य बताया कि कर्ण उनका भाई था। यह बात जानकर सभी पांडव इस बात को सुनकर दुखी हुए और युधिश्ठिर ने विधि विधान पूर्वक कर्ण का अंतिम संस्कार किया। सभी पांडव कुंती से नाराज थे क्योंकि उन्होंने जीवनभर इतना बड़ा रहस्य छुपाकर रखा। इसी वजह से युधिश्ठिर ने माता कुंती को श्राप दे दिया कि आज से कोई भी स्त्री किसी भी गोपनीय बात छुपा कर नहीं रख पाएगी।

  • महाभारत के दौरान दिए गए थे ये 3 श्राप, आज भी देखा जा सकता है उनका असर
    +2और स्लाइड देखें

    श्राप जिसकी वजह से कलियुग में भी दर-दर भटकते रहे अश्वत्थामा

    महाभारत के युद्ध में जब अश्वत्थामा ने धोखे से पांडव पुत्र का वध कर दिया तब पांडव भगवान श्रीकृष्ण के साथ अश्वत्थामा का पीछा करते हुए महर्षि वेदव्यास के आश्रम पहुंच गए। वहां अश्वत्थामा और अर्जुन के बीच भीषण युद्ध शुरु हो गया। युद्ध के दौरान अश्वत्थामा और अर्जुन दोनों ने अपने-अपने ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल किया। तभी महर्षि वेदव्यास ने दोनों अस्त्रों को टकराने से रोक लिया और अश्वत्थामा और अर्जुन से अपने-अपने ब्रह्मास्त्र वापिस लेने को कहा। तब अर्जुन ने अपना ब्रह्मास्त्र वापिस ले लिया। लेकिन अश्वत्थामा यह विद्या नहीं जानता था और उसने अपने शस्त्र की दिशा बदलकर अभिमन्यु की पत्नी उतरा के गर्भ की ओर कर दी। यह देख भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा को श्राप दिया कि तुम 3000 वर्ष इस पृथ्वी पर भटकते रहोगे। कोई भी तुम्हे देख नहीं पाएगा, न तुम किसी से बात कर पाओगे। तुम कलियुग के दौरान केवल वनों में ही भटकते रहोगे।

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×