Home » Jeevan Mantra »Jeene Ki Rah »Dharm Granth » 3 Qualities Required To Deal With Problems

जिसमें होते हैं ये 3 गुण उसके सामने कोई भी परेशानी ज्यादा देर नहीं टिक पाती

हर मुसीबत आसानी से हो जाएगी हल अगर खुद में ले आएंगे ये 3 गुण

जीवन मंत्र डेस्क | Last Modified - Nov 30, 2017, 05:00 PM IST

  • जिसमें होते हैं ये 3 गुण उसके सामने कोई भी परेशानी ज्यादा देर नहीं टिक पाती
    +3और स्लाइड देखें

    महाभारत के शांतिपर्व में पितामाह भीष्म ने युधिष्ठिर को कई ज्ञान की बातें बताई थीं। वे बातें न की सिर्फ उस समय में बल्कि आज के समय में भी बहुत उपयोगी मानी जाती है। महाभारत में तीन ऐसे लोगों के बारे में बताया गया है, जो किसी भी परिस्थिति का सामना आसानी से कर सकते हैं।

    श्लोक-

    न हि बुद्धयान्वितः प्राज्ञो नीतिशास्त्रविशारदः।

    निमज्जत्यापदं प्राप्य महतीं दारुणमपि।।

    अर्थात- बुद्धिमान, विद्वान और नीतिशास्त्र में निपुण व्यक्ति भारी और भयंकर विपत्ति आने पर भी उसमें फंसता नहीं है।

    आगे की स्लाइड्स पर जाना ऐसी ही कुछ खास बातें...

    तस्वीरों का प्रयोग प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

  • जिसमें होते हैं ये 3 गुण उसके सामने कोई भी परेशानी ज्यादा देर नहीं टिक पाती
    +3और स्लाइड देखें

    अपनी बुद्धि से ही पार की थी युधिष्ठिर ने धर्म की परीक्षा

    महाभारत में दी गई एक कथा के अनुसार, पांडवों के वनवास के दौरान एक बार खुद यमराज ने युधिष्ठिर की बुद्धिमानी की परीक्षा लेनी चाही। इसी उद्देश्य से यमराज ने यक्ष का रूप धारण कर लिया। यक्षरूपी यमराज ने सरोवर के पास एक-एक करके सभी पांडवों की परीक्षा ली, जिसमें पार न करने की वजह से युधिष्ठिर को छोड़ कर बाकी चारों पांडव सरोवर के पास मृत पड़े थे। जब युधिष्ठिर ने अपने सभी भाइयों को मरा हुआ पाया तब यक्ष से उनको जीवित करने को कहा। यक्ष ने ऐसा करने के लिए युधिष्ठिर के सामने एक शर्त रखी। शर्त यह थी कि धर्म युधिष्ठिर से कुछ सवाल करेंगे और अगर युधिष्ठिर ने उनके सही जवाब दे दिए, तो वह यक्ष उसने सभी भाइयों को जीवित कर देगा। ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी युधिष्ठिर ने अपनी बुद्धिमानी से यक्ष की परीक्षा पार कर ली और अपने सभी भाइयों को फिर से जीवित करा लिया। इसलिए कहते है बुद्धिमान मनुष्य अपनी सुझ-बूझ से हर परेशानी का हल निकल सकता है।

  • जिसमें होते हैं ये 3 गुण उसके सामने कोई भी परेशानी ज्यादा देर नहीं टिक पाती
    +3और स्लाइड देखें

    पहले ही कौरव वंश के विनाश की बात कह चुके थें विद्वान विदुर

    कहा जाता है कि जब दुर्योधन का जन्म हुआ था, तब वह जन्म होते ही गीदड़ की तरह जोर-जोर से रोने लगा और शोर मचाने लगा। विदुर महाविद्वान थे, उन्होंने दुर्योधन को देखते ही धृतराष्ट्र को उसका त्याग कर देने की सलाह दी थी। वह जान समझ गए थे कि यह बालक ही कौरव वंश के विनाश का कारण बनेगा। इसके अलावा विदुर ने जीवनभर अपने विद्वान होने के प्रमाण दिए हैं। वे हर समय धृतराष्ट्र को सही सलाह देते थे, लेकिन अपने पुत्र के प्यार में धृतराष्ट्र विद्वान विदुर की बातों को समझ न सकें और इसी वजह से उनके कुल का नाश हो गया।

  • जिसमें होते हैं ये 3 गुण उसके सामने कोई भी परेशानी ज्यादा देर नहीं टिक पाती
    +3और स्लाइड देखें

    पांडवों को हर परिस्थिति में बचाया श्रीकृष्ण की नीतियों ने

    श्रीकृष्ण एक सफल नीतिकार थे। वे सभी तरह की नीतियों के बारे में जानते थे। कौरवों ने जीवनभर पांडवों के लिए कोई न कोई परेशानियां खड़ी की, लेकिन श्रीकृष्ण ने अपनी सफल नीतियों से पांडवों को हर वक्त सहायता की। अगर पांडवों के पास श्रीकृष्ण के जैसे नीतिकार न होते तो शायद पांडव युद्ध में कभी विजयी नहीं हो पाते। उसी तरह नीतियों को जानने वाले और उनका पालन करने वाले व्यक्ति के सामने कैसी भी परेशानी आ जाएं, वह उसका सामान आसानी से कर लेता है।

आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 3 Qualities Required To Deal With Problems
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Trending

Top
×