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पाटलीपुत्र के महामंत्री थे चाणक्य, लेकिन इस कारण रहते थे छोटी कुटिया में

अगर मैं जनता की कमाई से बने महलों में रहूंगा तो मेरे देश के नागरिक को कुटिया भी नसीब नहीं होगी। - चाणक्य

यूटिलिटी डेस्क | Last Modified - Feb 16, 2018, 05:00 PM IST

  • पाटलीपुत्र के महामंत्री थे चाणक्य, लेकिन इस कारण रहते थे छोटी कुटिया में

    पुराने समय में जब भारत खंड-खंड में बंटा हुआ था, तब आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों से अखंड भारत का निर्माण किया और एक सामान्य बालक चंद्रगुप्त को राजा बनाया। चंद्रगुप्त के बाद ही मौर्य साम्राज्य का उदय हुआ था। चंद्रगुप्त के शासन में चाणक्य महामंत्री थे।

    आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति नामक ग्रंथ की रचना की थी, जिसमें जीवन को सुखी बनाने की नीतियां बताई गई हैं। इन नीतियों का पालन करने पर आज भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है। चाणक्य के जीवन में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे में सीख ले सकते हैं। ऐसी एक प्रेरणादायी घटना यहां जानिए…

    चाणक्य रहते थे कुटिया में

    उस समय पाटलीपुत्र बहुत बड़ा साम्राज्य था, उसके महामंत्री होने के बावजूद एक साधारण सी कुटिया में रहते थे। आम आदमी की तरह उनका रहन-सहन था। एक बार यूनान का राजदूत उनसे मिलने राज दरबार पहुंचा। राजनीति और कूटनीति में दक्ष चाणक्य की चर्चा सुनकर राजदूत मोहित हो गया। राजदूत ने शाम को चाणक्य से मिलने का समय मांगा। आचार्य ने उससे कहा आप रात में मेरे घर आ सकते हैं।

    राजदूत चाणक्य के व्यवहार से बहुत खुश हुआ। शाम को जब वह राजमहल परिसर में उनके निवास के बारे में पूछने लगा। तब राज प्रहरी ने बताया कि आचार्य चाणक्य तो नगर के बाहर रहते हैं। राजदूत ने सोचा शायद महामंत्री का नगर के बाहर सरोवर पर बना सुंदर महल होगा। राजदूत नगर के बाहर पहुंचा। एक नागरिक से पूछा कि चाणक्य कहां रहते हैं। एक कुटिया की ओर इशारा करते हुए नागरिक ने कहा-देखिए, वह सामने महामंत्री की कुटिया है।

    राजदूत आश्चर्य चकित रह गया। उसने कुटिया में पहुंचकर चाणक्य के पांव छुए और शिकायत की। आप जैसा चतुर महामंत्री एक कुटिया में रहता है। चाणक्य ने कहा- अगर मैं जनता की कड़ी मेहनत और पसीने की कमाई से बने महलों में रहूंगा तो मेरे देश के नागरिक को कुटिया भी नसीब नहीं होगी। चाणक्य की ईमानदारी पर यूनान का राजदूत नतमस्तक हो गया।

    इस प्रसंग की सीख यही है कि महान बनने के लिए सबसे आवश्यक गुण सादगी ही है। शासक और शासन से जुड़े लोगों को हमेशा ईमानदार होना चाहिए। तभी देश की तरक्की संभव है।

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Web Title: Chanakya Niti And Life Management Tips In Hindi, Acharya Chanakya In Hindi
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